डिजिटल डेस्क, मुरादाबाद।
नए साल 2026 की शुरुआत के साथ ही मुरादाबाद रेलवे मंडल में जबरदस्त प्रशासनिक भूचाल देखने को मिला है। रेलवे बोर्ड और रेल मंत्रालय के एक बड़े और चौंकाने वाले फैसले ने पूरे रेल महकमे में खलबली मचा दी है। राष्ट्रपति की स्वीकृति के बाद मुरादाबाद मंडल के डीआरएम (Divisional Railway Manager) के पद पर बड़ा बदलाव किया गया है।
संग्राह मौर्य को तत्काल प्रभाव से हटाया गया
30 जुलाई 2025 को मुरादाबाद मंडल के डीआरएम पद की जिम्मेदारी संभालने वाले संग्राह मौर्य को रेलवे बोर्ड द्वारा जारी आदेश में तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया गया है।
उन्हें अब पूर्व तट रेलवे (East Coast Railway – ECoR) में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।

मुरादाबाद मंडल फिलहाल बिना स्थायी DRM
रेलवे बोर्ड के आदेश के अनुसार, मुरादाबाद रेलवे मंडल फिलहाल बिना स्थायी डीआरएम के काम करेगा।
इस असाधारण स्थिति में उत्तर रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी श्री राजकुमार सिंह (NFHAG/IRSEE) को अस्थायी डीआरएम बनाकर मंडल की कमान सौंपी गई है।
नियमित डीआरएम की नियुक्ति तक राजकुमार सिंह:
- प्रशासनिक
- परिचालन
- और सुरक्षा से जुड़े सभी अहम फैसले लेंगे
दिल्ली से जारी हुआ आदेश, अफसरों में मची अफरातफरी
यह आदेश 2 जनवरी 2026 को नई दिल्ली से जारी किया गया। आदेश सामने आते ही मुरादाबाद रेलवे मंडल में अफसरों के बीच तेज हलचल शुरू हो गई।
सूत्रों के मुताबिक, आने वाले दिनों में मंडल स्तर पर:
- प्रशासनिक सख्ती
- जवाबदेही तय करने
- और बड़े स्तर पर फेरबदल
देखने को मिल सकते हैं।
🇮🇳 राष्ट्रपति की मंजूरी से हुआ तबादला
रेल मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यह तबादला और नई तैनाती राष्ट्रपति की स्वीकृति के बाद की गई है, जिससे इस फैसले की गंभीरता और महत्व और बढ़ जाता है।
इस बदलाव के पूर्ण रूप से लागू होने को लेकर अलग अधिसूचना जारी की जाएगी।
खुर्जा ट्रैक घटना के बाद बढ़ी सख्ती
रेलवे सूत्रों के अनुसार, खुर्जा में हाल ही में हुई रेलवे ट्रैक से जुड़ी गंभीर घटना, जिसमें बड़ा हादसा टल गया था, उसके बाद रेलवे बोर्ड ने नए साल पर यह सख्त प्रशासनिक कदम उठाया।
इसी क्रम में डीआरएम संग्राह मौर्य को मुरादाबाद मंडल से हटाकर ईस्ट कोस्ट रेलवे भेजा गया।
राजकुमार सिंह ने संभालते ही शुरू किया निरीक्षण
पूर्व में भी मुरादाबाद मंडल के डीआरएम रह चुके राजकुमार सिंह ने पदभार संभालते ही मुरादाबाद रेलवे स्टेशन से खुर्जा तक निरीक्षण शुरू कर दिया है।
सूत्रों का कहना है कि:
- ट्रैक मेंटेनेंस
- सुरक्षा व्यवस्था
- और ऑपरेशनल सिस्टम
की गहन समीक्षा की जा रही है।
उच्च अधिकारी चुप, चर्चाओं का बाजार गर्म
इस पूरे घटनाक्रम पर जब उच्च अधिकारियों से प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की गई, तो सभी ने बयान देने से परहेज किया।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए विभागीय स्तर पर चुप्पी है, लेकिन कर्मचारियों और अफसरों के बीच चर्चाएं तेज हैं।
नए स्थायी DRM पर टिकी निगाहें
डीआरएम जैसे अहम पद पर हुए इस अचानक बदलाव के बाद अब सभी की नजरें नए स्थायी डीआरएम की नियुक्ति पर टिकी हैं।
माना जा रहा है कि यह बदलाव सिर्फ तबादला नहीं, बल्कि आने वाले बड़े प्रशासनिक एक्शन और सख्ती का संकेत है।