लाहौर/नई दिल्ली। तीर्थयात्रा वीजा पर पाकिस्तान गई भारतीय महिला सरबजीत कौर के साथ कथित रूप से जबरन धर्मांतरण, निकाह और कैद का मामला सामने आया है। सरबजीत इन दिनों लाहौर के एक शेल्टर होम में रखी गई हैं और भारत लौटने की गुहार लगा रही हैं। इस घटना ने भारत-पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय तीर्थयात्रा प्रोटोकॉल की सुरक्षा और विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
“मैं आज़ाद नहीं हूं, भारत वापस जाना चाहती हूं”
परिवार के पास मौजूद ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग्स में सरबजीत कौर बार-बार यह कहती सुनाई देती हैं कि वह आज़ाद नहीं हैं और भारत लौटना चाहती हैं। हालांकि, अब तक उनकी डिपोर्टेशन प्रक्रिया में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है। पाकिस्तान के गृह मंत्रालय की ओर से न तो स्पेशल ट्रैवल परमिट जारी किया गया है और न ही नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC)।
पति करनैल सिंह के गंभीर आरोप
सरबजीत कौर के पति करनैल सिंह ने आरोप लगाया है कि उनकी पत्नी सोशल मीडिया के माध्यम से नासिर हुसैन नामक व्यक्ति के संपर्क में आई थीं। आरोप है कि हुसैन ने निजी वीडियो और तस्वीरों के जरिए उन्हें ब्लैकमेल किया, फिर धमकी देकर पाकिस्तान बुलाया और वहां जबरन इस्लाम कबूल करवाकर निकाह कराया।
करनैल सिंह का दावा है कि इन आपत्तिजनक सामग्रियों को परिवार को भेजकर डराया गया और मानसिक दबाव बनाया गया।
बिगड़ती मानसिक और शारीरिक हालत
परिवार के अनुसार सरबजीत कौर की मानसिक स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। उनका ब्लड प्रेशर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है और वह गंभीर अवसाद से जूझ रही हैं। एक बेहद चौंकाने वाले आरोप में यह भी कहा गया है कि नासिर हुसैन ने सरबजीत की तीन बहनों के अपहरण का दावा किया है। यदि यह आरोप सही साबित होता है, तो मामला और भी गंभीर हो जाएगा।
लाहौर हाईकोर्ट में सुनवाई
पूरा मामला अब लाहौर हाईकोर्ट में विचाराधीन है। अदालत ने प्रधानमंत्री कार्यालय, फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (FIA), पंजाब पुलिस सहित कई सरकारी विभागों से रिपोर्ट तलब की है। सुनवाई में तीर्थयात्रा वीजा के दुरुपयोग और जबरन शादी की वैधता जैसे मुद्दों पर सवाल उठाए गए हैं।
तीर्थयात्रा प्रोटोकॉल पर उठे सवाल
यह मामला 1974 के भारत-पाकिस्तान द्विपक्षीय तीर्थयात्रा प्रोटोकॉल पर भी सवाल खड़े करता है। आरोप है कि धार्मिक वीजा का इस्तेमाल महिलाओं को फंसाने, ब्लैकमेल करने और जबरन धर्मांतरण-शादी के लिए किया जा रहा है। पाकिस्तान में अल्पसंख्यक महिलाओं के खिलाफ ऐसे मामलों की शिकायतें पहले भी सामने आती रही हैं।
तत्काल रिहाई की मांग
सरबजीत कौर के परिवार ने पाकिस्तान सरकार से तत्काल रिहाई, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और भारत वापसी की प्रक्रिया तेज करने की मांग की है। साथ ही अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की गई है कि वह अल्पसंख्यकों के अधिकारों और महिला सुरक्षा के मुद्दे पर दबाव बनाए।