वाराणसी:
UGC जातिगत भेदभाव नियम 2026 को लेकर जारी देशव्यापी विवाद में अब ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती खुलकर मैदान में उतर आए हैं। वाराणसी दौरे पर पहुंचे शंकराचार्य ने यूजीसी के नए नियमों को सनातन धर्म के विरुद्ध बताते हुए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।
उन्होंने कहा कि—
“इस सरकार से न्याय की उम्मीद अब कोई न करे। यह कानून सनातन समाज को तोड़ने का षड्यंत्र है।”
उनके इस बयान के बाद UGC नियमों को लेकर चल रहा विवाद और तेज हो गया है।
🔹 UGC नियमों पर शंकराचार्य का सीधा आरोप
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि यूजीसी द्वारा लाए गए जातिगत भेदभाव से जुड़े नियम—
- हिंदू समाज को दो हिस्सों में बांटते हैं
- सनातन परंपरा के विरुद्ध हैं
- समाज में आपसी संघर्ष को बढ़ावा देते हैं
उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यह नियम तुरंत वापस लिया जाना चाहिए।
🔹 सुप्रीम कोर्ट पर भी कही बड़ी बात
शंकराचार्य ने सुप्रीम कोर्ट की भूमिका पर टिप्पणी करते हुए कहा कि—
- यह कानून संसद से पास हुआ है
- सुप्रीम कोर्ट केवल यह देख सकता है कि नियम संविधान के अनुरूप है या नहीं
- अदालत इसे बदल नहीं सकती, सिर्फ सीमित सुधार संभव हैं
उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह के पुराने बयान का हवाला देते हुए कहा कि सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि यह संसद द्वारा पारित कानून है।
🔹 “एक हिंदू को दो समुदायों में बांटा जा रहा”
अपने बयान में शंकराचार्य ने कहा कि—
- सवर्ण समाज सड़क पर है
- दूसरा समाज अभी शांत है
- लेकिन यह लड़ाई दोनों के हित में नहीं है
उन्होंने कहा कि अगर एक ही परिवार के लोग आपस में लड़ेंगे तो नुकसान दोनों का होगा। उनका आरोप था कि—
“एक हिंदू समाज को दो समुदायों में बांटने का यह कैसा प्रयोग है?”
उन्होंने दोनों वर्गों से एकजुट होकर विरोध करने की अपील भी की।
🔹 माघ मेला विवाद पर सरकार को घेरा
प्रयागराज माघ मेला के दौरान हुए विवाद पर भी शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने सरकार और प्रशासन पर तीखा हमला बोला।
उन्होंने कहा—
- शंकराचार्य और शिष्यों के साथ धक्का-मुक्की हुई
- बटुकों की चोटी पकड़कर अपमान किया गया
- 11 दिन तक प्रशासन को सुधार का अवसर दिया गया
- लेकिन न माफी मांगी गई, न कोई कार्रवाई हुई
उन्होंने कहा कि सिर्फ “जांच कराएंगे” कहकर मामला दबा दिया गया।
🔹 ‘देश में तानाशाही काबिज’ — अविमुक्तेश्वरानंद
शंकराचार्य ने बेहद कड़ा बयान देते हुए कहा कि—
- देश में तानाशाही हावी हो चुकी है
- सरकार जो चाहे कर रही है
- किसी को बोलने का अधिकार नहीं रह गया
उन्होंने आरोप लगाया कि UGC नियमों को जानबूझकर ऐसे समय लाया गया ताकि अन्य मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाया जा सके।
🔹 UGC नियम क्यों बने बड़ा विवाद?
UGC के नए नियमों में जातिगत भेदभाव रोकने के लिए सख्त प्रावधान किए गए हैं, लेकिन विरोध करने वालों का कहना है कि—
- इससे सामाजिक विभाजन बढ़ेगा
- झूठे मामलों की आशंका रहेगी
- कैंपस में तनाव का माहौल बनेगा
यही वजह है कि UGC Protest 2026 अब धार्मिक, सामाजिक और राजनीतिक बहस का रूप ले चुका है।