नई दिल्ली:
संसद के बजट सत्र के दौरान लोकसभा में बुधवार को भारी राजनीतिक हंगामा देखने को मिला। विपक्ष द्वारा लोकसभा स्पीकर Om Birla के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव ध्वनि मत से खारिज हो गया।
सदन में इस मुद्दे पर चर्चा के दौरान विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तीखी बहस हुई। गृह मंत्री Amit Shah ने चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि लोकसभा का स्पीकर किसी एक दल का नहीं बल्कि पूरे सदन का होता है।
अमित शाह के भाषण के दौरान हंगामा
अमित शाह के भाषण के दौरान विपक्षी सांसदों ने जोरदार नारेबाजी की, जिसके कारण सदन में कई बार शोर-शराबा बढ़ गया। भारी हंगामे के बीच ही स्पीकर के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव ध्वनि मत से खारिज कर दिया गया।
संसद में जारी इस बहस के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं के बीच तीखी टिप्पणियां भी देखने को मिलीं।
राहुल गांधी का आरोप
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi ने आरोप लगाया कि उन्हें सदन में बोलने से रोका जाता है। उन्होंने कहा कि कई बार उन्हें अपनी बात रखने का मौका नहीं दिया जाता।
इस बयान को लेकर भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला।
बीजेपी का पलटवार
भाजपा नेता Sambit Patra ने राहुल गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि विपक्ष द्वारा किया गया विरोध एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा था।
वहीं संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju ने भी राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि संसद में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है और बिना अनुमति के कोई सांसद अपनी बात नहीं रख सकता।
प्रियंका गांधी का बयान
इस दौरान कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने भी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों से राहुल गांधी सत्ता के सामने झुके नहीं हैं और वे लगातार सरकार से सवाल पूछते रहे हैं।
प्रियंका गांधी ने कहा कि राहुल गांधी सच बोलते हैं और सरकार उस सच को स्वीकार नहीं कर पाती।
हंगामे में बर्बाद हुआ चर्चा का समय
बताया जा रहा है कि स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए करीब साढ़े छह घंटे का समय तय किया गया था, लेकिन विपक्ष के हंगामे के कारण मंगलवार को सदन में केवल 47 मिनट ही चर्चा हो पाई।
संसद का बजट सत्र फिलहाल जारी है और आने वाले दिनों में भी कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।