रायपुर। छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खात्मे की तय समयसीमा अब बेहद करीब आ चुकी है। 31 मार्च 2026 तक देश को माओवाद मुक्त बनाने के लक्ष्य के लिए अब सिर्फ 52 दिन शेष हैं। इसी को लेकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह आज रायपुर में नक्सल विरोधी अभियानों पर एक हाई लेवल सुरक्षा समीक्षा बैठक कर रहे हैं।
सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक चलने वाली इस मैराथन बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, गृह मंत्री विजय शर्मा, मुख्य सचिव, डीजीपी और अर्धसैनिक बलों के शीर्ष अधिकारी शामिल हैं। बैठक का फोकस ऑपरेशन क्लीन, शेष नक्सल प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति, अभियान की रफ्तार और अंतिम एक्शन प्लान पर रहेगा।
सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक बस्तर का करीब 95 प्रतिशत इलाका अब हिंसा मुक्त बताया जा रहा है, जबकि लगभग 5 प्रतिशत क्षेत्र अभी भी चुनौती बना हुआ है। सूत्रों के अनुसार, बचे हुए इलाकों में करीब 150 सशस्त्र माओवादियों के सक्रिय होने की जानकारी है, जिन्हें लेकर टारगेटेड ऑपरेशन की रणनीति तय की जाएगी।
सरकार का कहना है कि नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई सिर्फ बंदूक से नहीं, बल्कि विकास और विश्वास की नीति के जरिए भी लड़ी जा रही है। 135 नए सुरक्षा कैंपों के जरिए गांवों तक सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी सुविधाएं पहुंचाने का दावा किया जा रहा है।