मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश: अब जिले की जनसुनवाई सीधे लखनऊ से देखी और सुनी जा रही है। Moradabad में डीएम और एसएसपी की जनसुनवाई की लाइव मॉनिटरिंग मुख्यमंत्री कार्यालय से शुरू हो गई है। इस नई व्यवस्था ने जिला प्रशासन में सक्रियता बढ़ा दी है और शिकायतों के निस्तारण में तेजी आई है।
सुबह 9:45 बजे से जुड़ते हैं अफसर
नई व्यवस्था के तहत जनसुनवाई शुरू होने से 15 मिनट पहले यानी सुबह 9:45 बजे ही अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़ जाते हैं। ठीक 10 बजे से शुरू होने वाली जनसुनवाई की हर गतिविधि—फरियादी की शिकायत, संबंधित विभाग को दिए गए निर्देश और समाधान की स्थिति—ऑडियो-वीडियो माध्यम से लाइव मॉनिटर की जा रही है।
क्यों उठाना पड़ा यह कदम?
शासन स्तर पर समीक्षा के दौरान पाया गया कि कई ऐसे प्रकरण, जिनका समाधान जिला स्तर पर हो सकता था, वे लखनऊ तक पहुंच रहे थे। शिकायतों के बढ़ते दबाव को देखते हुए मुख्यमंत्री के निर्देश पर यह सख्त कदम उठाया गया। अब हर शिकायत पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।
डीएम और एसएसपी की सख्ती का असर
- डीएम की जनसुनवाई में भूमि विवाद, शस्त्र वरासत और विभागीय लापरवाही से जुड़े मामले सबसे अधिक आ रहे हैं।
- एसएसपी के समक्ष 60-65% शिकायतें घरेलू व संबंधों के विवाद से जुड़ी होती हैं।
- पहले जहां रोजाना लगभग 100 शिकायतें आती थीं, अब यह संख्या घटकर 65-70 रह गई है।
इस व्यवस्था से न केवल कर्मचारियों की समयबद्ध उपस्थिति सुनिश्चित हुई है, बल्कि तहसील स्तर के अधिकारियों और थाना प्रभारियों को भी सीधे जोड़ा गया है।
प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव
डीएम अनुज सिंह के निर्देश पर सभी उपजिलाधिकारी (SDM) भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े। वहीं एसएसपी सतपाल अंतिल ने सभी थानों और सीओ स्तर तक अधिकारियों को जोड़ा। करीब 25 फरियादी डीएम जनसुनवाई में और 65 से अधिक एसएसपी जनसुनवाई में पेश हुए।
क्या होगा आगे?
शासन स्तर से संकेत मिले हैं कि जिन विभागों से संबंधित शिकायतें अधिक मिल रही हैं, उन्हें भी लाइव मॉनिटरिंग से जोड़ा जाएगा। इससे पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों बढ़ेंगी।