ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei की मौत की खबर के बाद देशभर में प्रतिक्रिया तेज हो गई है। लखनऊ के बाद अब उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में भी मुस्लिम समाज, खासतौर पर शिया समुदाय ने सड़कों पर उतरकर विरोध-प्रदर्शन किया।
मुरादाबाद में लोगों ने जुलूस निकालकर अमेरिका और इजरायल के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई और न्याय की मांग की।
🕌 मुरादाबाद में निकला जुलूस, लगे नारे
मुरादाबाद में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे।
- जुलूस निकालकर विरोध जताया गया
- अमेरिका और इजरायल के खिलाफ नारे लगे
- घटना की अंतरराष्ट्रीय जांच की मांग उठी
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई वैश्विक शांति के लिए खतरनाक है और इससे मध्य-पूर्व में हालात और बिगड़ सकते हैं।
🇺🇸 ट्रंप का बड़ा दावा
अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने रविवार सुबह दावा किया कि खामेनेई की मौत अमेरिकी कार्रवाई का परिणाम है।
ट्रंप ने कहा कि:
- यह ईरान की जनता के लिए न्याय है
- अमेरिका की कार्रवाई जरूरत पड़ने तक जारी रहेगी
- खामेनेई को उन्होंने “इतिहास के सबसे बुरे लोगों में से एक” बताया
ट्रंप के बयान के बाद ईरानी सरकारी मीडिया ने भी खामेनेई की मौत की पुष्टि की। हालांकि इस घटनाक्रम ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता और विरोध दोनों को जन्म दिया है।
🌍 अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ी चिंता
मध्य-पूर्व में पहले से जारी तनाव के बीच इस खबर ने हालात और गंभीर बना दिए हैं। कई देशों ने संयम बरतने और शांति बहाल करने की अपील की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटनाक्रम का असर वैश्विक राजनीति और सुरक्षा पर पड़ सकता है।