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राष्ट्रपति मुर्मू के ‘अपमान’ विवाद पर सख्त हुआ केंद्र, ममता सरकार से गृह मंत्रालय ने मांगी पूरी रिपोर्ट!

पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। राष्ट्रपति Droupadi Murmu के हालिया दौरे के दौरान कथित प्रोटोकॉल उल्लंघन को लेकर केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाया है।

Ministry of Home Affairs (India) ने इस पूरे मामले पर पश्चिम बंगाल सरकार से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। मंत्रालय ने राज्य के मुख्य सचिव को निर्देश दिया है कि वे आज शाम तक राष्ट्रपति के दौरे से जुड़े सभी पहलुओं की रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपें।

किन मुद्दों पर मांगा गया जवाब

सूत्रों के मुताबिक केंद्र सरकार ने चार अहम बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा है:

  • राष्ट्रपति प्रोटोकॉल का पालन
  • कार्यक्रम स्थल की व्यवस्था
  • राष्ट्रपति के काफिले का मार्ग
  • सुरक्षा और अन्य प्रशासनिक व्यवस्थाएं

रिपोर्ट में यह भी बताया जाएगा कि राष्ट्रपति के स्वागत और विदाई के समय राज्य के शीर्ष अधिकारी क्यों मौजूद नहीं थे।

स्वागत में नहीं पहुंचे बड़े अधिकारी

रिपोर्ट्स के अनुसार आमतौर पर राष्ट्रपति के दौरे के दौरान मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और डीजीपी की मौजूदगी अपेक्षित होती है।

लेकिन इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति का स्वागत और विदाई केवल सिलीगुड़ी के मेयर ने किया। इसी वजह से प्रोटोकॉल को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

कार्यक्रम स्थल की व्यवस्था पर भी सवाल

सूत्रों के मुताबिक कार्यक्रम स्थल की व्यवस्थाओं को लेकर भी कई शिकायतें सामने आई हैं।

बताया जा रहा है कि राष्ट्रपति के लिए बनाए गए वॉशरूम में पानी तक उपलब्ध नहीं था। इसके अलावा जिस मार्ग से राष्ट्रपति का काफिला गुजरा वहां साफ-सफाई की स्थिति भी खराब बताई गई और रास्ते में कचरा होने की शिकायत भी सामने आई।

इन परिस्थितियों के लिए दार्जिलिंग के जिलाधिकारी, सिलीगुड़ी पुलिस कमिश्नरेट के पुलिस आयुक्त और अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।

ममता बनर्जी का पलटवार

इस विवाद के बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री Mamata Banerjee ने केंद्र सरकार और भाजपा पर राजनीति करने का आरोप लगाया है।

उन्होंने कहा कि सिलीगुड़ी में आयोजित कार्यक्रम कोई सरकारी आयोजन नहीं था बल्कि एक निजी संस्था द्वारा आयोजित इंटरनेशनल आदिवासी संथाल सम्मेलन था, जिसमें राष्ट्रपति को आमंत्रित किया गया था।

मुख्यमंत्री के अनुसार जिला प्रशासन ने पहले ही राष्ट्रपति सचिवालय को बताया था कि कार्यक्रम स्थल पर पर्याप्त व्यवस्थाएं नहीं हैं, इसके बावजूद कार्यक्रम आयोजित किया गया।

राष्ट्रपति ने भी जताई थी नाराजगी

इससे पहले राष्ट्रपति Droupadi Murmu ने भी कार्यक्रम के दौरान व्यवस्थाओं पर नाराजगी जताई थी।

उन्होंने कहा कि आमतौर पर राष्ट्रपति के दौरे पर मुख्यमंत्री और अन्य वरिष्ठ मंत्री स्वागत के लिए मौजूद रहते हैं, लेकिन इस कार्यक्रम में ऐसा नहीं हुआ।

प्रधानमंत्री मोदी की प्रतिक्रिया

इस मामले पर प्रधानमंत्री Narendra Modi ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है।

उन्होंने इस घटना को “शर्मनाक और अभूतपूर्व” बताते हुए कहा कि राष्ट्रपति का पद राजनीति से ऊपर है और इसकी गरिमा का सम्मान किया जाना चाहिए।

चुनावी माहौल में बढ़ा सियासी तनाव

पश्चिम बंगाल में आने वाले महीनों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में इस मुद्दे को लेकर सियासत और तेज हो गई है।

सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और विपक्षी भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। अब सबकी नजर उस रिपोर्ट पर टिकी है जो पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव केंद्र सरकार को सौंपेंगे।

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