Rampur के सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर में बिना अनुमति दो युवकों के घुसने से सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। मुख्य गेट पर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने दोनों संदिग्धों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। घटना के बाद कैंप की सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।
गार्ड की सतर्कता से पकड़े गए संदिग्ध

सीआरपीएफ में तैनात अधिकारियों के अनुसार दोनों युवक बाइक से कैंप परिसर में प्रवेश कर गए थे। ड्यूटी पर मौजूद गार्ड ने उन्हें संदिग्ध हालत में घूमते देखा और रोककर पूछताछ की। शुरुआती पूछताछ में दोनों संतोषजनक जवाब नहीं दे सके और गुमराह करने का प्रयास करते रहे। इसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें हिरासत में लेकर पुलिस को सौंप दिया।
पूछताछ में सामने आई पहचान
सख्ती से पूछताछ के दौरान एक युवक ने अपना नाम नईम निवासी ग्राम पटवाई और दूसरे ने भूरा निवासी ग्राम घोसीपुरा बताया। घटना को गंभीर मानते हुए सीआरपीएफ प्रशासन ने Civil Lines Police Station पुलिस को तहरीर दी। पुलिस ने दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मोबाइल और संपर्कों की जांच
पुलिस दोनों संदिग्धों के मोबाइल फोन, पहचान पत्र और संपर्कों की जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि उनका कैंप में प्रवेश करने का उद्देश्य क्या था और किसी संदिग्ध गतिविधि से उनका कोई संबंध तो नहीं है। अधिकारियों के अनुसार जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
2007 में हो चुका है आतंकी हमला
इस कैंप का सुरक्षा इतिहास भी संवेदनशील रहा है। 31 दिसंबर 2007 की रात सीआरपीएफ समूह केंद्र पर आतंकियों ने हमला किया था। हमलावरों ने फायरिंग और ग्रेनेड से हमला किया, जिसमें सात जवान शहीद हो गए थे और एक नागरिक की भी मौत हुई थी। इसी कारण घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था पहले से और मजबूत कर दी गई थी।
सुरक्षा व्यवस्था और सख्त
घटना के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं। कैंप में प्रवेश के नियमों को और कड़ा किया गया है और सभी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। अधिकारियों ने कहा कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि को गंभीरता से लिया जाएगा और जांच पूरी होने तक निगरानी जारी रहेगी।