अन्तर्राष्ट्रीय

‘Gen Z’ प्रधानमंत्री का बड़ा ऐक्शन प्लान, छात्र राजनीति पर फुल स्टॉप

नेपाल में नई सरकार के गठन के बाद Balen Shah ने 100 बिंदुओं वाली व्यापक कार्ययोजना पेश की है। युवा नेतृत्व वाली इस सरकार का लक्ष्य प्रशासन को पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी बनाना है। पहली कैबिनेट बैठक में इस योजना को मंजूरी दी गई, जिसमें शिक्षा सुधार, भ्रष्टाचार जांच और प्रशासनिक ढांचे में बड़े बदलाव शामिल हैं।

100 प्वाइंट प्लान से प्रशासनिक सुधार

सरकार ने तय किया है कि 15 दिनों के भीतर एक समिति गठित की जाएगी, जो बड़े नेताओं और अधिकारियों की संपत्ति की जांच करेगी। जांच दो चरणों में होगी और प्रधानमंत्री कार्यालय इसकी नियमित समीक्षा करेगा। इसके अलावा हर मंत्रालय को स्पष्ट कार्ययोजना तैयार करनी होगी कि कौन क्या करेगा और कब तक करेगा।

छात्र राजनीति पर पूर्ण प्रतिबंध

सरकार ने स्कूलों और विश्वविद्यालयों में छात्र राजनीति पर रोक लगाने का फैसला लिया है। नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। 90 दिनों के भीतर राजनीतिक छात्र संगठनों की जगह स्टूडेंट काउंसिल बनाई जाएगी, जिससे शिक्षा संस्थानों में शैक्षणिक वातावरण बेहतर बनाने का लक्ष्य है।

मंत्रालयों की संख्या घटाने का फैसला

प्रशासन को तेज और प्रभावी बनाने के लिए केंद्र सरकार के मंत्रालयों की संख्या घटाकर 17 करने का प्रस्ताव है। साथ ही बेकार प्रक्रियाओं को खत्म किया जाएगा और मंजूरी के स्तर अधिकतम तीन तक सीमित किए जाएंगे। इससे सरकारी कामकाज में तेजी आने की उम्मीद है।

शिक्षा क्षेत्र में बड़े बदलाव

सरकार ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए कई फैसले लिए हैं। परीक्षाओं के परिणाम समय पर घोषित होंगे और ग्रेजुएशन तक पढ़ाई के लिए नागरिकता प्रमाण पत्र की अनिवार्यता खत्म की जाएगी। कक्षा पांच तक आंतरिक परीक्षाओं को समाप्त करने का भी प्रस्ताव है।

महिलाओं के लिए ब्लू बस सेवा

महिलाओं की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए सभी प्रदेशों में ब्लू बस सेवा शुरू की जाएगी। सरकार ने 100 दिनों के भीतर कम से कम 25 बसें चलाने का लक्ष्य तय किया है। इसके अलावा विदेशी नाम वाले संस्थानों को स्थानीय नेपाली नाम अपनाने का निर्देश भी दिया गया है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नजर

विशेषज्ञों का मानना है कि युवा प्रधानमंत्री के ये फैसले क्षेत्रीय राजनीति और शिक्षा नीति पर असर डाल सकते हैं। प्रशासनिक सुधार और पारदर्शिता के कदमों पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नजर बनी हुई है।

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