मध्य-पूर्व में जारी तनाव के बीच ईरान के नए सुप्रीम लीडर Mojtaba Khamenei ने राष्ट्र के नाम अपना पहला आधिकारिक संदेश जारी किया है। यह संबोधन उनके पिता और पूर्व सर्वोच्च नेता Ali Khamenei की मृत्यु के बाद आया है।
अपने संदेश में खामेनेई ने साफ कहा कि ईरान पर हुए हर हमले का जवाब दिया जाएगा और “खून का बदला खून से लिया जाएगा।” उनके इस बयान के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
‘शहीदों के खून का बदला जरूर लिया जाएगा’
ईरान के सर्वोच्च नेता Mojtaba Khamenei ने अपने संबोधन में कहा कि देश अपने शहीदों के बलिदान को कभी नहीं भूलेगा।
उन्होंने कहा कि ईरान किसी भी हमले का जवाब देने से पीछे नहीं हटेगा और दुश्मनों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई जारी रहेगी। खामेनेई ने ईरानी जनता से एकजुट रहने की अपील भी की।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर बड़ा संकेत
अपने संबोधन में खामेनेई ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक Strait of Hormuz का भी जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर होर्मुज जलडमरूमध्य को दबाव के हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। यह जलमार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति का एक बड़ा रास्ता माना जाता है, इसलिए इसे लेकर दिया गया बयान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी अहम माना जा रहा है।
अमेरिका और इजरायल को चेतावनी
ईरान के नए सुप्रीम लीडर ने United States और Israel को भी सीधी चेतावनी दी।
उन्होंने कहा कि अगर हमले जारी रहे तो ईरान दुश्मनों के सैन्य ठिकानों और संपत्तियों को उसी स्तर पर निशाना बनाएगा। खामेनेई ने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर दूसरे मोर्चे भी खोले जा सकते हैं।
घायल होने की भी सामने आई खबरें
इस बीच कुछ अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों में दावा किया गया है कि हालिया हमलों के दौरान Mojtaba Khamenei घायल भी हो सकते हैं, हालांकि इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
मध्य-पूर्व में बढ़ सकता है तनाव
विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान के नए सुप्रीम लीडर के इस कड़े बयान के बाद मध्य-पूर्व में तनाव और बढ़ सकता है।
अगर Strait of Hormuz को लेकर कोई बड़ा कदम उठाया जाता है तो इसका असर वैश्विक तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी पड़ सकता है।