नई दिल्ली: दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में शामिल Strait of Hormuz को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच भ्रम की स्थिति बन गई है। एक ओर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump इसे “खुला” बता रहे हैं, वहीं ईरान ने सख्त शर्तों के साथ ही सीमित आवाजाही की अनुमति दी है।
ईरान की चेतावनी
ईरान के शीर्ष नेताओं ने स्पष्ट किया है कि अगर अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी जारी रहती है, तो होर्मुज को दोबारा बंद किया जा सकता है।
ईरानी संसद के स्पीकर ने कहा कि इस जलमार्ग से गुजरने की अनुमति केवल ईरान के नियमों के तहत ही दी जाएगी, न कि बाहरी दावों के आधार पर।
सिर्फ कमर्शियल जहाजों को छूट
ईरान ने फिलहाल केवल वाणिज्यिक जहाजों को सीमित मार्गों से गुजरने की अनुमति दी है। सैन्य जहाजों पर अब भी रोक है, जिससे तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। इससे साफ है कि होर्मुज पूरी तरह खुला नहीं, बल्कि नियंत्रित रूप में संचालित हो रहा है।
🇺🇸 ट्रंप का सख्त रुख
Donald Trump ने कहा है कि जब तक अंतिम समझौता नहीं हो जाता, तब तक अमेरिकी नौसैनिक दबाव जारी रहेगा।
उन्होंने दावा किया कि बातचीत आगे बढ़ रही है, लेकिन साथ ही चेतावनी भी दी कि समझौता न होने पर सैन्य कार्रवाई दोबारा शुरू हो सकती है। ईरान ने उनके कई दावों को खारिज करते हुए उन्हें “भ्रामक” बताया है।
क्यों अहम है होर्मुज?
Strait of Hormuz दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है। करीब 20% वैश्विक कच्चा तेल इसी रास्ते से गुजरता है। ऐसे में यहां तनाव बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर सीधा असर पड़ सकता है।
आगे क्या?
विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक अमेरिका और ईरान के बीच कोई ठोस समझौता नहीं होता, तब तक यह भ्रम और तनाव बना रहेगा।
फिलहाल, दुनिया की नजर इस रणनीतिक जलमार्ग पर टिकी हुई है।