पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच व्लादिमिर पुतिन और सैय्यद अब्बास अराघची की अहम मुलाकात के बाद ईरान का मनोबल काफी बढ़ा हुआ नजर आ रहा है। रूस ने साफ संकेत दिया है कि वह ईरान के समर्थन में “सबकुछ करने” को तैयार है।
मॉस्को में हुई हाई-लेवल मीटिंग
मॉस्को में हुई इस द्विपक्षीय वार्ता के दौरान दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर जोर दिया गया। अराघची ने कहा कि मौजूदा अस्थिरता के दौर में रूस के साथ उच्च स्तर की बातचीत बेहद सकारात्मक रही है। उन्होंने यह भी बताया कि हाल की घटनाओं ने दोनों देशों के रिश्तों की मजबूती को साबित किया है।
पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव
ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच जारी तनाव के चलते क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ गई है। ऐसे में रूस का खुला समर्थन ईरान के लिए बड़ी कूटनीतिक ताकत के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस साझेदारी से क्षेत्रीय समीकरणों पर गहरा असर पड़ सकता है।
रूस ने शांति की भी वकालत की
राष्ट्रपति पुतिन ने बैठक के दौरान कहा कि रूस पश्चिम एशिया में जल्द से जल्द शांति स्थापित करने के लिए हरसंभव प्रयास करेगा। वहीं रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने इस बातचीत को “रचनात्मक और उपयोगी” बताया।
क्रेमलिन का बड़ा बयान
क्रेमलिन के प्रवक्ता ने कहा कि रूस दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता के लिए भी तैयार है। उनका कहना है कि स्थायी शांति स्थापित करना ही सबसे बड़ा लक्ष्य है और इसके लिए हर जरूरी कदम उठाया जाएगा।
पाकिस्तान और ओमान दौरे से बढ़ी कूटनीति
मुलाकात के बाद अराघची ने इस्लामाबाद का दौरा किया और वहां सैन्य नेतृत्व से चर्चा की। इसके अलावा ओमान में भी उन्होंने क्षेत्रीय सुरक्षा और कूटनीतिक प्रयासों पर बातचीत की। इन दौरों को ईरान की सक्रिय कूटनीति के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।