तेहरान/नई दिल्ली:
मध्य-पूर्व में जारी तनाव के बीच समुद्री मार्गों पर खतरा तेजी से बढ़ता जा रहा है। ईरान-अमेरिका संघर्ष के बीच फारस की खाड़ी में एक बड़ा हमला सामने आया है। अमेरिकी कंपनी के स्वामित्व वाले ऑयल टैंकर ‘सेफसी विष्णु’ पर हुए हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई है।
रिपोर्ट्स के अनुसार यह हमला इराक के पास समुद्री क्षेत्र में हुआ, जहां विस्फोटकों से भरी एक सुसाइड बोट ने टैंकर को टक्कर मार दी। टक्कर होते ही जोरदार धमाका हुआ, जिससे जहाज को भारी नुकसान पहुंचा और एक भारतीय नाविक की मौत हो गई।
पहले भी जहाजों को बनाया गया था निशाना
इससे पहले 1 और 2 मार्च को ओमान के तट के पास ईरानी ड्रोन और मिसाइल हमलों में दो व्यापारिक जहाज MV MKD व्योम और MV स्काईलाइट को निशाना बनाया गया था। इन हमलों में तीन भारतीय नागरिकों की मौत हो गई थी, जबकि 20 से अधिक लोग घायल हुए थे।
समुद्री सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार खाड़ी क्षेत्र में लगातार बढ़ते हमलों से अंतरराष्ट्रीय व्यापार और तेल आपूर्ति पर भी असर पड़ सकता है।
सऊदी अरब में भी हुआ था हमला
7 मार्च को सऊदी अरब के अल खर्ज इलाके में प्रोजेक्टाइल हमले की खबर सामने आई थी। शुरुआत में इसमें एक भारतीय के मारे जाने की आशंका जताई गई थी, लेकिन बाद में स्पष्ट हुआ कि कोई भारतीय नागरिक नहीं मारा गया, हालांकि एक भारतीय घायल हुआ था।
होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे भारतीय जहाज
भारत सरकार के मुताबिक फारस की खाड़ी में इस समय भारतीय झंडे वाले कुल 28 जहाज संचालित हो रहे हैं। इनमें से 24 जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य के पश्चिमी हिस्से में फंसे हुए हैं, जिन पर 677 भारतीय नाविक मौजूद हैं।
वहीं चार जहाज होर्मुज के पूर्वी हिस्से में हैं, जिन पर करीब 101 भारतीय नाविक सवार हैं। सरकार ने कहा है कि वह स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर सुरक्षा कदम उठाए जाएंगे।
खाड़ी देशों में बड़ी संख्या में भारतीय
खाड़ी देशों जैसे यूएई, सऊदी अरब और कुवैत में करीब 90 लाख से 1 करोड़ भारतीय रहते और काम करते हैं। मौजूदा युद्ध के दौरान ईरान ने क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और तेल प्रतिष्ठानों को निशाना बनाते हुए 1000 से ज्यादा ड्रोन और मिसाइल हमले किए हैं।
भारत सरकार ने क्षेत्र में रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है और सावधानी बरतने की अपील की है।
कूटनीति से समाधान की अपील
प्रधानमंत्री Narendra Modi ने भी इस संकट के बीच शांति और कूटनीतिक समाधान की अपील की है। भारत ने कहा है कि क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखना वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है।