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होर्मुज संकट के बीच इराक की खुली किस्मत, सऊदी बॉर्डर पर मिला ‘काला सोना’

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य संकट के बीच इराक के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। इराक ने नजफ प्रांत में एक विशाल तेल भंडार की खोज की है। शुरुआती अनुमान के मुताबिक यहां 8.8 अरब बैरल से ज्यादा कच्चा तेल मौजूद हो सकता है। यह खोज ऐसे समय हुई है जब क्षेत्रीय तनाव की वजह से कई अरब देशों की तेल सप्लाई प्रभावित हो रही है।

नजफ के कुरनैन ब्लॉक में मिला बड़ा भंडार

इराक के तेल मंत्रालय के अनुसार यह नया तेल भंडार कुरनैन ब्लॉक में मिला है, जो इराक-सऊदी अरब सीमा के पास स्थित है। लगभग 8,773 वर्ग किलोमीटर में फैला यह इलाका लंबे समय से तेल खोज के लिहाज से संभावनाओं वाला माना जाता रहा है।

सरकार ने बताया कि इस क्षेत्र के विकास और उत्पादन के लिए अक्टूबर 2024 में समझौता किया गया था। इसके बाद ड्रिलिंग कार्य शुरू हुआ और शुरुआती परिणाम काफी उत्साहजनक रहे।

शुरुआती ड्रिलिंग में मिला हल्का कच्चा तेल

इस प्रोजेक्ट के तहत शम्स-11 नामक कुएं की ड्रिलिंग की गई। शुरुआती जांच में यहां हल्का कच्चा तेल मिलने की पुष्टि हुई है। फिलहाल इस कुएं की शुरुआती उत्पादन क्षमता 3,248 बैरल प्रतिदिन आंकी गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि जैसे-जैसे आगे सर्वे और गहराई से ड्रिलिंग होगी, उत्पादन क्षमता और बढ़ सकती है। अगर अनुमान सही साबित होते हैं तो यह इराक की ऊर्जा नीति में बड़ा बदलाव ला सकता है।

चीन को भी होगा बड़ा फायदा

इस पूरे प्रोजेक्ट में चीन की झेनहुआ ऑयल कंपनी अहम भूमिका निभा रही है। कंपनी अपनी सहयोगी इकाई के जरिए ड्रिलिंग और भूगर्भीय सर्वेक्षण कर रही है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन ने इस फील्ड में अतिरिक्त निवेश की भी तैयारी कर ली है ताकि जल्द से जल्द बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू किया जा सके। इसका मतलब साफ है कि इराक को जहां नई आर्थिक ताकत मिलेगी, वहीं चीन को भी ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से बड़ा फायदा होगा।

होर्मुज संकट से इराक को भारी नुकसान

दरअसल, इराक की अर्थव्यवस्था काफी हद तक तेल निर्यात पर निर्भर है। लेकिन ईरान-अमेरिका तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में अवरोध के कारण तेल निर्यात पर भारी असर पड़ा है।

पहले इराक प्रतिदिन करीब 45 लाख बैरल तेल उत्पादन करता था, जिसमें से लगभग 35 लाख बैरल निर्यात होता था। इसका लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा होर्मुज के रास्ते दुनिया के बाजारों तक पहुंचता था।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक फरवरी में इराक ने 9.9 करोड़ बैरल तेल निर्यात किया, जबकि मार्च में यह घटकर 1.86 करोड़ बैरल रह गया। इससे कमाई भी 6.81 अरब डॉलर से घटकर 1.96 अरब डॉलर तक पहुंच गई।

नई पाइपलाइन पर भी तेज काम

इसी संकट से निपटने के लिए इराक अब बसरा से हदीथा पाइपलाइन प्रोजेक्ट पर तेजी से काम कर रहा है। इसकी अनुमानित क्षमता 25 लाख बैरल प्रतिदिन बताई जा रही है।

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर नया तेल भंडार उत्पादन में आता है, तो यह इराक को न केवल मौजूदा संकट से राहत देगा बल्कि आने वाले वर्षों में उसकी अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती देगा।

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