राष्ट्रीय

केदारनाथ यात्रा अस्थायी रूप से रोकी गई, भारी बारिश और IMD के अलर्ट के बाद प्रशासन सतर्क!

खराब मौसम के चलते यात्रा पर लगाया गया अस्थायी विराम

उत्तराखंड में लगातार बिगड़ते मौसम के बीच केदारनाथ यात्रा को फिलहाल रोक दिया गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) द्वारा जारी ऑरेंज अलर्ट और कई क्षेत्रों में हो रही भारी बारिश को देखते हुए प्रशासन ने यह एहतियाती फैसला लिया है। गढ़वाल मंडल प्रशासन के अनुसार श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इसी वजह से केदारनाथ धाम की ओर जाने वाले यात्रियों को विभिन्न पड़ावों पर रोकने के निर्देश दिए गए हैं। मौसम सामान्य होने के बाद यात्रा दोबारा शुरू की जाएगी।

ऋषिकेश और श्रीनगर में यात्रियों को रोका गया

गढ़वाल कमिश्नर आनंद स्वरूप ने बताया कि लगातार बारिश और संभावित भूस्खलन के खतरे को देखते हुए यात्रा मार्ग पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। प्रशासन ने ऋषिकेश, श्रीनगर और अन्य प्रमुख पड़ावों पर यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर ठहराने के निर्देश जारी किए हैं।

यात्रियों से अपील की गई है कि वे मौसम सुधरने तक प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और अनावश्यक यात्रा से बचें।

चारधाम क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी जारी

उत्तराखंड के चारधाम क्षेत्रों में मौसम लगातार खराब बना हुआ है। बद्रीनाथ धाम के आसपास नर-नारायण और नीलकंठ पर्वत पर बर्फबारी दर्ज की गई है। वहीं सिखों के पवित्र तीर्थ स्थल हेमकुंड साहिब में भी लगातार हिमपात हो रहा है। चमोली जिले सहित कई पहाड़ी इलाकों में सुबह से मूसलाधार बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों तक मौसम खराब बने रहने की संभावना जताई है।

चार महीने में सामान्य से 45 प्रतिशत अधिक बारिश

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार उत्तराखंड में पिछले चार महीनों के दौरान सामान्य से लगभग 45 प्रतिशत अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है। कुछ दिन पहले तक देहरादून, हरिद्वार, रुड़की और काशीपुर जैसे शहरों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया था। लेकिन पिछले 48 घंटों में मौसम ने अचानक करवट ली और कई क्षेत्रों में तेज बारिश दर्ज की गई।

39 दिनों में 10 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

मौसम की चुनौतियों के बावजूद इस वर्ष केदारनाथ यात्रा ने नया रिकॉर्ड बनाया है। यात्रा शुरू होने के मात्र 39 दिनों के भीतर 10 लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा केदारनाथ के दर्शन कर चुके हैं। चारधाम यात्रा के इतिहास में यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने से स्थानीय पर्यटन और धार्मिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिला है।

प्रशासन की अपील

प्रशासन ने श्रद्धालुओं से आग्रह किया है कि वे आधिकारिक मौसम अपडेट और यात्रा संबंधी निर्देशों पर नजर बनाए रखें। मौसम पूरी तरह सुरक्षित घोषित होने के बाद ही आगे की यात्रा शुरू करें। विशेषज्ञों का मानना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम तेजी से बदलता है, इसलिए सावधानी और प्रशासनिक निर्देशों का पालन करना बेहद जरूरी है।

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