बाजार में भारी गिरावट, निवेशकों में घबराहट
30 अप्रैल 2026 को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली। कारोबार की शुरुआत से ही बिकवाली हावी रही और कुछ ही घंटों में सेंसेक्स करीब 900 अंकों तक टूट गया। वहीं निफ्टी भी 302 अंकों की गिरावट के साथ 23,875 के स्तर के आसपास कारोबार करता नजर आया। शुरुआती कारोबार में ही बाजार में कमजोरी के संकेत मिल गए थे।
बैंकिंग और बड़े शेयरों पर दबाव
आज के कारोबार में सबसे ज्यादा दबाव बैंकिंग सेक्टर पर देखने को मिला, जो करीब 1.5% तक टूट गया। इसके अलावा कई बड़े शेयर जैसे Adani Energy Solutions, Zomato, PFC और REC में भी गिरावट दर्ज की गई। बाजार में चौतरफा बिकवाली से निवेशकों की चिंता बढ़ गई है।
वैश्विक कारणों से बढ़ी चिंता
बाजार में इस गिरावट के पीछे कई वैश्विक कारण हैं। सबसे बड़ा कारण ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव है, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है। ब्रेंट क्रूड 120 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया, जिसने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी।
इसके अलावा अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कोई बदलाव न करना भी बाजार के लिए नकारात्मक संकेत माना जा रहा है। इससे वैश्विक मंदी की आशंका और गहरा गई है।
कच्चे तेल की कीमतों का असर
कच्चे तेल की कीमतों में तेजी भारत जैसे आयातक देश के लिए चिंता का विषय है। इससे महंगाई बढ़ने और कंपनियों के मुनाफे पर असर पड़ने की संभावना रहती है। यही कारण है कि निवेशकों ने आज बाजार में तेजी से मुनाफावसूली की।
एशियाई और अमेरिकी बाजारों का असर
एशियाई बाजारों में भी गिरावट का माहौल देखने को मिला। जापान का निक्केई और टॉपिक्स दोनों लाल निशान में रहे। वहीं अमेरिकी बाजार भी दबाव में बंद हुए, जिससे भारतीय बाजार पर भी असर पड़ा।
लंबी छुट्टी से पहले बिकवाली
1 मई को महाराष्ट्र दिवस के कारण शेयर बाजार बंद रहेगा, इसके बाद वीकेंड की छुट्टियां हैं। ऐसे में निवेशक लंबी छुट्टी से पहले अपने पोर्टफोलियो को हल्का कर रहे हैं, जिससे बाजार में और दबाव देखने को मिला।