पटना। NEET-UG पेपर लीक मामले को लेकर मशहूर शिक्षक खान सर ने एक बार फिर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने पेपर लीक के आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि केवल परीक्षा की सुरक्षा बढ़ाने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि पेपर लीक करने वाले नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई करना जरूरी है।
एयरफोर्स से पेपर पहुंचाने पर उठाए सवाल
खान सर ने कहा कि सरकार द्वारा परीक्षा प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिए एयरफोर्स की मदद लेने का फैसला अच्छी पहल है, लेकिन इससे मूल समस्या खत्म नहीं होगी। उनका कहना है कि पेपर परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में नहीं, बल्कि छपाई और वितरण प्रक्रिया के दौरान लीक हो रहा है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि “मलेरिया की बीमारी में टाइफाइड का इंजेक्शन नहीं लगाया जाता।” उनका आशय था कि समस्या जहां से शुरू हो रही है, समाधान भी वहीं तलाशना होगा।
दोषियों के खिलाफ कड़ी सजा की मांग
अपने छात्रों के बीच बातचीत के दौरान खान सर ने सवाल उठाया कि पेपर लीक मामले में पकड़े गए लोगों के खिलाफ अब तक कठोर कार्रवाई क्यों नहीं हुई। उन्होंने कहा कि यदि ऐसे मामलों में दोषियों को सख्त सजा नहीं मिलेगी तो भविष्य में भी पेपर लीक जैसी घटनाएं रुकना मुश्किल होगा।
खान सर का मानना है कि पेपर लीक का सबसे बड़ा नुकसान उन लाखों छात्रों को होता है जो वर्षों तक मेहनत करके प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं।
गरीब छात्रों का हक छिनने का आरोप
खान सर ने कहा कि पेपर लीक से सबसे ज्यादा नुकसान गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों को होता है। ये छात्र सीमित संसाधनों में दिन-रात मेहनत करते हैं, लेकिन जब परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं तो उनका मनोबल टूट जाता है।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार दोषियों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं करती है तो मेहनती छात्रों का हक मारा जाएगा और शिक्षा व्यवस्था पर लोगों का भरोसा कमजोर होगा।
परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल
खान सर ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि लगातार सामने आ रहे विवाद छात्रों के विश्वास को प्रभावित कर रहे हैं। उनके अनुसार, परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और भरोसेमंद बनाना समय की सबसे बड़ी जरूरत है।
शिक्षा विशेषज्ञों का भी मानना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए तकनीकी सुरक्षा के साथ-साथ दोषियों के खिलाफ त्वरित कानूनी कार्रवाई आवश्यक है।
छात्रों में बढ़ रही चिंता
NEET और अन्य राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में सामने आए पेपर लीक मामलों के बाद छात्रों और अभिभावकों में चिंता बढ़ी है। लाखों उम्मीदवार चाहते हैं कि परीक्षाएं निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से आयोजित हों ताकि मेहनत के आधार पर ही सफलता तय हो सके।