नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद Shashi Tharoor ने देश की युवा पीढ़ी, खासकर Gen Z और Gen Alpha को भारत की आजादी और विभाजन के इतिहास को बेहतर तरीके से समझने के लिए एक खास डॉक्यूमेंट्री देखने की सलाह दी है। नई दिल्ली में आयोजित एक विशेष स्क्रीनिंग के दौरान उन्होंने कहा कि ‘1947: Brexit India’ भारत के स्वतंत्रता संग्राम और विभाजन को एक अलग आर्थिक और भू-राजनीतिक दृष्टिकोण से प्रस्तुत करती है।
आजादी और विभाजन की नई व्याख्या
‘1947: Brexit India’ एक फीचर-लेंथ डॉक्यूमेंट्री है, जो भारत की स्वतंत्रता और विभाजन से जुड़े घटनाक्रमों को पारंपरिक राजनीतिक दृष्टिकोण से आगे बढ़कर आर्थिक और अंतरराष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में समझाने का प्रयास करती है।
डॉक्यूमेंट्री में ब्रिटिश शासन के 338 वर्षों के प्रभाव, वैश्विक राजनीतिक परिस्थितियों और उन नीतिगत निर्णयों का विश्लेषण किया गया है जिन्होंने भारत की स्वतंत्रता और विभाजन की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
युवाओं को इतिहास समझने का अवसर
स्क्रीनिंग के दौरान शशि थरूर ने कहा कि इतिहास केवल बीते हुए समय की कहानी नहीं है, बल्कि यह वर्तमान और भविष्य को भी प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को सिर्फ पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि ऐसे शोध-आधारित कंटेंट को भी देखना चाहिए जो घटनाओं के पीछे के व्यापक कारणों को समझने में मदद करे।
उनके अनुसार यह डॉक्यूमेंट्री आधुनिक भारत के निर्माण से जुड़े कई महत्वपूर्ण सवालों पर नए दृष्टिकोण के साथ सोचने का अवसर देती है।
एक दशक के रिसर्च पर आधारित फिल्म
फिल्म के निर्माताओं के अनुसार यह डॉक्यूमेंट्री दस वर्षों से अधिक समय तक किए गए शोध, अभिलेखीय दस्तावेजों और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है। इसमें ब्रिटिश शासन के अंतिम वर्षों, आर्थिक दबावों, वैश्विक शक्ति संतुलन और प्रशासनिक फैसलों की गहन पड़ताल की गई है।
डॉक्यूमेंट्री का निर्माण Dr. Swarnjeet Singh ने किया है, जबकि इसकी पटकथा Shama Zaidi ने लिखी है। इसका निर्देशन Sanjeevan Lal ने किया है और मशहूर अभिनेता Boman Irani ने अपनी आवाज दी है।
पारंपरिक इतिहास से आगे बढ़ने की कोशिश
निर्माताओं का कहना है कि फिल्म का उद्देश्य 1947 से जुड़े उन आर्थिक और राजनीतिक पहलुओं को सामने लाना है जिन पर आमतौर पर कम चर्चा होती है। डॉक्यूमेंट्री ऐतिहासिक रिकॉर्ड और विशेषज्ञों के विश्लेषण के आधार पर स्वतंत्रता और विभाजन की घटनाओं को नए दृष्टिकोण से देखने का अवसर प्रदान करती है।
OTT पर जल्द होगी रिलीज
बताया जा रहा है कि यह डॉक्यूमेंट्री जल्द ही एक प्रमुख OTT प्लेटफॉर्म पर रिलीज होगी। स्क्रीनिंग कार्यक्रम में इतिहासकारों, राजनयिकों, मीडिया विशेषज्ञों और नीति-निर्माताओं ने भी भाग लिया और फिल्म की शोध-आधारित प्रस्तुति की सराहना की।