जेवर एयरपोर्ट से जुड़ा भावुक पल
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) से कमर्शियल उड़ानों की शुरुआत के साथ उत्तर प्रदेश में एक ऐतिहासिक और भावुक पल देखने को मिला। गौतमबुद्ध नगर के जेवर क्षेत्र के किसान, जिन्होंने एयरपोर्ट निर्माण के लिए अपनी जमीन दी थी, पहली बार उसी एयरपोर्ट से विमान में बैठकर लखनऊ पहुंचे।
राजधानी लखनऊ पहुंचने पर मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने किसानों का स्वागत किया और उनके योगदान को प्रदेश के विकास की मजबूत नींव बताया।
172 किसानों ने भरी पहली हवाई उड़ान
जानकारी के अनुसार जेवर एयरपोर्ट के निर्माण के लिए भूमि देने वाले 172 किसान और खेतिहर मजदूर विशेष उड़ान से लखनऊ पहुंचे। इनमें 20 महिला किसान भी शामिल थीं। किसानों ने कहा कि जिस जमीन पर कभी वे खेती किया करते थे, आज उसी जमीन पर बने अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से विमान में सफर करना उनके लिए गर्व और भावनाओं से भरा अनुभव है।
किसानों से मिलकर भावुक हुए CM योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ किसानों से मुलाकात के दौरान भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि अन्नदाता देश और प्रदेश की समृद्धि का आधार हैं और विकास की हर यात्रा में किसानों का योगदान सबसे महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की सहभागिता और उनके त्याग का सम्मान करना सरकार का कर्तव्य है। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि प्रदेश सरकार किसानों के विकास और समृद्धि के लिए लगातार कार्य करती रहेगी।
मुख्यमंत्री आवास पर हुआ विशेष स्वागत
लखनऊ पहुंचने के बाद किसानों को बसों के माध्यम से मुख्यमंत्री आवास ले जाया गया, जहां सीएम योगी ने उनसे बातचीत की। इस दौरान किसानों ने अपने अनुभव साझा किए और एयरपोर्ट परियोजना से जुड़े बदलावों पर चर्चा की। कई किसानों ने कहा कि वे कभी नहीं सोच सकते थे कि जिस जमीन पर उन्होंने वर्षों तक खेती की, वहीं से एक दिन विमान में बैठकर राजधानी की यात्रा करेंगे।
विकास और त्याग की मिसाल बना जेवर एयरपोर्ट
जेवर विधायक Dhirendra Singh ने इस अवसर को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह किसानों के त्याग और देश के विकास का अद्भुत उदाहरण है। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों ने राष्ट्रहित में अपनी पुश्तैनी जमीन दी, आज वही परिवार आधुनिक भारत के सबसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में से एक का हिस्सा बनकर गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं।
एयरपोर्ट की खासियत
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट देश की सबसे महत्वपूर्ण हवाई परियोजनाओं में शामिल है। इसका रनवे देश के सबसे लंबे रनवे में गिना जा रहा है और यह आधुनिक CAT-III लाइटिंग सिस्टम से लैस है। 1 जुलाई 2026 से यहां से नियमित यात्री उड़ानों की शुरुआत होने जा रही है। इससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।
किसानों के विश्वास का सम्मान
सरकार का कहना है कि किसानों ने विकास परियोजना के लिए जो विश्वास दिखाया, उसे बेहतर बुनियादी ढांचे और क्षेत्रीय विकास के माध्यम से लौटाया जा रहा है। जेवर एयरपोर्ट केवल एक परिवहन परियोजना नहीं बल्कि किसानों के त्याग, विकास और नए भारत की उड़ान का प्रतीक बन चुका है।