नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लेकर बड़ा राजनीतिक सवाल उठाया है। एक प्रेस वार्ता के दौरान केजरीवाल ने दावा किया कि राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा हुए करीब ढाई साल हो चुके हैं, लेकिन इस दौरान अमित शाह एक बार भी अयोध्या जाकर रामलला के दर्शन करने नहीं गए। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर भगवान राम के नाम का राजनीतिक इस्तेमाल करने का आरोप भी लगाया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या बोले केजरीवाल?
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अमित शाह अपने भाषणों और इंटरव्यू में कई बार राम मंदिर और भगवान राम का उल्लेख करते हैं तथा चुनावों के दौरान भी इस मुद्दे को उठाते हैं। उन्होंने दावा किया कि इसके बावजूद गृह मंत्री ने अब तक राम मंदिर जाकर दर्शन नहीं किए।
केजरीवाल ने कहा कि उनकी पार्टी का मानना है कि धार्मिक आस्था का सम्मान होना चाहिए और इसे राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।
राम मंदिर चढ़ावा विवाद का भी किया जिक्र
प्रेस वार्ता में अरविंद केजरीवाल ने अयोध्या के कथित राम मंदिर चढ़ावा विवाद का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि इस मामले से सनातन धर्म में आस्था रखने वाले लोग आहत हैं।
उन्होंने कहा कि यदि इस मामले में कोई दोषी पाया जाता है तो कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और मामले की जांच जारी है।
एसआईटी जांच पर क्या कहा?
केजरीवाल ने कहा कि कथित चढ़ावा विवाद की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) को 15 दिन का समय दिया गया है। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद यदि किसी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने यह भी बताया कि वह इस विषय पर अगले दिन एक और प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विस्तृत जानकारी साझा करेंगे।
X पर भी साझा किया बयान
अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी अमित शाह को लेकर सवाल उठाया। उन्होंने दावा किया कि राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के बाद ढाई वर्षों में अमित शाह ने भगवान राम के दर्शन नहीं किए, जबकि उन्होंने कई सार्वजनिक कार्यक्रमों और चुनावी भाषणों में राम मंदिर का उल्लेख किया।
उन्होंने अपने पोस्ट में भाजपा पर भगवान राम के नाम का राजनीतिक इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।
भाजपा की प्रतिक्रिया का इंतजार
समाचार लिखे जाने तक अरविंद केजरीवाल के इन आरोपों पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह या भारतीय जनता पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राम मंदिर और धार्मिक मुद्दों को लेकर बयानबाजी आगामी चुनावों से पहले राजनीतिक बहस को और तेज कर सकती है। फिलहाल यह मामला दोनों दलों के बीच नए राजनीतिक विवाद का विषय बन गया है।