नई दिल्ली।
इंदौर के चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द करने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को अहम सुनवाई हुई। अदालत ने मामले में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अगली सुनवाई 14 जुलाई तय की है। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मामले में पहले दिए गए दो फैसलों का भी अध्ययन किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर इसे बड़ी पीठ के पास भेजने पर विचार किया जा सकता है।
सॉलिसिटर जनरल ने क्या कहा?
सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि यह बेहद गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि सोनम रघुवंशी की गिरफ्तारी के पर्याप्त आधार मौजूद थे, लेकिन आदेश में संबंधित धारा के उल्लेख में हुई त्रुटि के कारण उन्हें जमानत मिल गई। उन्होंने अदालत से कहा कि इस मामले से जुड़े सभी आवश्यक दस्तावेज पहले ही रिकॉर्ड पर दाखिल किए जा चुके हैं।
सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणी
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह इस मामले की विस्तार से सुनवाई करेगा। अदालत ने संकेत दिया कि पहले दिए गए दो फैसलों में कानूनी मतभेद दिखाई देते हैं और यह देखना होगा कि क्या इस प्रश्न को बड़ी बेंच के पास भेजने की आवश्यकता है। अदालत ने यह भी कहा कि यदि जमानत देने का आधार कानूनी रूप से सही नहीं पाया गया तो जमानत आदेश पर पुनर्विचार किया जा सकता है। साथ ही अदालत ने सॉलिसिटर जनरल से लिखित दलीलें दाखिल करने को भी कहा।
सोनम रघुवंशी ने खुद को बताया बेगुनाह
सुप्रीम कोर्ट में दाखिल जवाबी हलफनामे में सोनम रघुवंशी ने दावा किया कि उन्हें झूठे तरीके से इस मामले में फंसाया गया है। उन्होंने कहा कि अभियोजन का पूरा मामला परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर आधारित है और केवल आरोपों के आधार पर किसी व्यक्ति को दोषी नहीं माना जा सकता। सोनम ने कहा कि वह ट्रायल में पूरा सहयोग कर रही हैं और यदि मुकदमे की कार्यवाही में किसी प्रकार की देरी हुई है तो उसके लिए वह जिम्मेदार नहीं हैं।
जमानत की शर्तों के पालन का दावा
हलफनामे में सोनम ने बताया कि उन्हें 27 अप्रैल 2026 को जमानत मिली थी और अगले दिन जेल से रिहा कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि उन्होंने जमानत की किसी भी शर्त का उल्लंघन नहीं किया है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि मामले में चार्जशीट दाखिल हो चुकी है, किसी प्रकार की बरामदगी बाकी नहीं है और साक्ष्यों से छेड़छाड़ की कोई संभावना नहीं है। फिलहाल वह अदालत द्वारा निर्धारित शर्तों के अनुसार शिलांग में रह रही हैं।
मेघालय सरकार ने की जमानत रद्द करने की मांग
दूसरी ओर मेघालय सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द करने की मांग की है। राज्य सरकार का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जमानत पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए। अब इस बहुचर्चित मामले में सुप्रीम कोर्ट 14 जुलाई को विस्तृत सुनवाई करेगा, जिसके बाद आगे की कानूनी दिशा स्पष्ट हो सकती है।