नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के तीसरे दिन लोकसभा में छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर जोरदार हंगामा देखने को मिला। इस दौरान समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद अखिलेश यादव तथा लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के बीच बहस भी हुई। अखिलेश यादव ने सदन में अपनी बात रखने का अवसर नहीं मिलने पर नाराजगी जताई और कहा कि यदि विपक्ष की बात पहले सुन ली जाती, तो उन्हें प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन करने की जरूरत नहीं पड़ती।
‘हमें बोलने का मौका क्यों नहीं दिया?’
लोकसभा की कार्यवाही के दौरान जब छात्रों और परीक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हो रही थी, तब अखिलेश यादव ने अपनी बात रखने की इच्छा जताई। उन्होंने कहा कि यह किसी एक राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि देश के युवाओं और छात्रों का मुद्दा है। उन्होंने सवाल उठाया कि कांग्रेस और भाजपा के प्रतिनिधियों को बोलने का अवसर मिला, लेकिन समाजवादी पार्टी को अपनी बात रखने का मौका क्यों नहीं दिया गया। अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि विपक्ष की आवाज को समान महत्व मिलना चाहिए।
PM आवास जाने पर दिया बयान
सदन में बोलते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि विपक्षी नेताओं को मजबूरी में प्रधानमंत्री आवास के बाहर जाना पड़ा। उनके अनुसार यदि सदन के भीतर ही छात्रों के मुद्दे पर गंभीरता से चर्चा होती और विपक्ष की बात सुनी जाती, तो बाहर विरोध प्रदर्शन करने की आवश्यकता नहीं पड़ती। उन्होंने यह भी कहा कि असली मुद्दा किसी मंत्री का इस्तीफा नहीं, बल्कि छात्रों के साथ हुए कथित व्यवहार और उनकी समस्याओं पर सरकार का जवाब है।
ओम बिरला ने दिया चर्चा का भरोसा
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन में व्यवस्था बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि सरकार छात्रों के मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है।उन्होंने कहा कि सभी पक्ष अपनी बात रख चुके हैं और अब यह तय किया जा सकता है कि किस नियम के तहत तथा कितनी अवधि के लिए चर्चा कराई जाए। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि चर्चा सदन की निर्धारित प्रक्रिया और नियमों के अनुसार ही होगी।
हंगामे के बीच लोकसभा अध्यक्ष ने कार्यवाही को दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दिया।
छात्रों के मुद्दे पर विपक्ष का हमला
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ कठोर व्यवहार किया गया। उन्होंने कहा कि युवाओं की आवाज को दबाने के बजाय उनकी समस्याओं को सुनना चाहिए। उन्होंने सरकार से मांग की कि छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर संसद में विस्तार से चर्चा कर समाधान निकाला जाए।
संसद में जारी है राजनीतिक घमासान
मानसून सत्र के दौरान पेपर लीक, छात्रों के प्रदर्शन और शिक्षा व्यवस्था जैसे मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच लगातार टकराव देखने को मिल रहा है। सरकार का कहना है कि वह सदन में सभी महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा के लिए तैयार है, जबकि विपक्ष का आरोप है कि उसकी बातों को पर्याप्त महत्व नहीं दिया जा रहा। ऐसे में आने वाले दिनों में संसद में इस मुद्दे पर और अधिक बहस होने की संभावना है।