तारिक रहमान को नई दिल्ली आने का न्योता, दोनों देशों के रिश्तों में सुधार की दिशा में अहम पहल
नई दिल्ली। भारत ने पड़ोसी देश बांग्लादेश के साथ रिश्तों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक कदम उठाते हुए प्रधानमंत्री तारिक रहमान को आगामी BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल होने का निमंत्रण भेजा है। यह सम्मेलन 12 और 13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित होगा। खास बात यह है कि बांग्लादेश BRICS का सदस्य देश नहीं है, इसके बावजूद उसे आमंत्रित किया गया है। इसे दोनों देशों के संबंधों में सुधार की दिशा में एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
BRICS सम्मेलन के लिए भेजा गया निमंत्रण
बांग्लादेश की विदेश राज्य मंत्री शमा ओबैद इस्लाम ने पुष्टि की है कि भारत की ओर से BRICS सम्मेलन का निमंत्रण विदेश मंत्रालय को प्राप्त हुआ है, जिसे आगे प्रधानमंत्री कार्यालय भेज दिया गया है। हालांकि, भारत की ओर से अभी आधिकारिक घोषणा का इंतजार है। यदि तारिक रहमान इस सम्मेलन में शामिल होते हैं तो यह दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय संवाद का महत्वपूर्ण अवसर होगा।
रिश्तों में आई थी तल्खी
बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के बाद भारत और बांग्लादेश के संबंधों में पहले जैसी गर्मजोशी नहीं रही। प्रधानमंत्री बनने के बाद तारिक रहमान ने अपनी पहली विदेश यात्रा भारत के बजाय चीन की की थी। इसके बाद दोनों देशों के बीच रिश्तों को लेकर कई तरह की चर्चाएं होती रहीं। ऐसे समय में भारत का यह निमंत्रण रिश्तों को सामान्य बनाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
BRICS सदस्य बनने की चाह
बांग्लादेश लंबे समय से BRICS समूह का सदस्य बनने की इच्छा जता रहा है। इस दिशा में उसे चीन और रूस का समर्थन भी मिल चुका है। नई दिल्ली में होने वाला BRICS शिखर सम्मेलन ढाका के लिए कूटनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है। सम्मेलन में चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के शामिल होने की भी संभावना है।
कूटनीतिक संवाद को मिल सकता है नया आयाम
हाल ही में फिलीपींस की राजधानी मनीला में आयोजित आसियान क्षेत्रीय फोरम के दौरान भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर और बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान की मुलाकात भी हुई थी। इस दौरान दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय सहयोग और संवाद पर चर्चा की। विशेषज्ञों का मानना है कि BRICS सम्मेलन दोनों देशों के बीच विश्वास बहाली और सहयोग को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण मंच बन सकता है।
अब ढाका के फैसले पर नजर
अब सबसे बड़ी निगाह इस बात पर है कि बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान भारत के इस निमंत्रण को स्वीकार करते हैं या नहीं। यदि वे नई दिल्ली पहुंचते हैं तो यह भारत-बांग्लादेश संबंधों में नई शुरुआत का संकेत हो सकता है और क्षेत्रीय कूटनीति को भी नई दिशा मिल सकती है।