नई दिल्ली।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर लंबे समय तक चले प्रदर्शन के समाप्त होने के बाद अब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अपनी अगली रणनीति की ओर संकेत दिए हैं। CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने कहा है कि संगठन जल्द ही आगे की कार्ययोजना का खुलासा करेगा। उन्होंने यह भी बताया कि पंजाब में कथित पेपर लीक के मुद्दे पर पार्टी गंभीरता से विचार कर रही है और फिलहाल रणनीति तैयार की जा रही है।
FIR के मुद्दे पर सरकार से जारी है बातचीत
अभिजीत दिपके ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर दर्ज किए गए मामलों को लेकर सरकार के साथ बातचीत जारी है। उनका कहना है कि किसी भी छात्र के खिलाफ केवल विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के कारण आपराधिक मामला दर्ज नहीं होना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस विषय पर जल्द सकारात्मक समाधान निकलेगा।
उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा, “हम जल्द ही अपनी अगली रणनीति बताएंगे। आंदोलन अभी समाप्त हुआ है, इसलिए हमें थोड़ा समय दीजिए। पंजाब के कथित पेपर लीक मामले पर भी हम चर्चा करेंगे और आगे की योजना तैयार कर रहे हैं।”
36 दिनों तक चला था जंतर-मंतर प्रदर्शन
CJP के नेतृत्व में राष्ट्रीय स्तर पर परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, कथित पेपर लीक की घटनाओं और छात्रों की आत्महत्या जैसे मुद्दों को लेकर जंतर-मंतर पर 36 दिनों तक प्रदर्शन चला था। संगठन का दावा है कि सरकार द्वारा उनकी प्रमुख मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाने के बाद प्रदर्शन समाप्त किया गया।
हालांकि, सरकार की ओर से इस संबंध में आधिकारिक तौर पर सभी दावों की पुष्टि अलग-अलग स्तर पर की जाती रही है।
AAP ने पेपर लीक के आरोपों को किया खारिज
उधर, आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने पंजाब में पेपर लीक के आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहा है।
सिसोदिया के अनुसार, पंजाब में किसी परीक्षा का पेपर लीक नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि एक विश्वविद्यालय परीक्षा के दौरान कुछ छात्रों के पास ब्लूटूथ आधारित स्मार्ट पेन मिला था, जिसका इस्तेमाल नकल के लिए किया जा रहा था। विश्वविद्यालय प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित छात्रों और अन्य आरोपियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई कराई।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी रखा पक्ष
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी कहा कि उनकी सरकार के कार्यकाल में कोई पेपर लीक नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि दो मामलों में तकनीकी माध्यम से नकल की कोशिश हुई थी, जिसमें ब्लूटूथ डिवाइस का इस्तेमाल किया जा रहा था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कुल 21 लोगों को गिरफ्तार किया और जेल भेजा।
राजनीतिक बहस तेज
पंजाब में कथित पेपर लीक के मुद्दे पर अब राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। एक ओर CJP इस विषय पर अपनी अगली रणनीति तैयार कर रही है, वहीं दूसरी ओर पंजाब सरकार और आम आदमी पार्टी लगातार यह दावा कर रही है कि राज्य में पेपर लीक नहीं हुआ, बल्कि नकल के प्रयासों पर समय रहते कार्रवाई की गई। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक और कानूनी गतिविधियां और तेज हो सकती हैं।