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संसद में गतिरोध पर अमित शाह का विपक्ष को जवाब, बोले- सभी सवालों का दूंगा जवाब!

संसद के मानसून सत्र में जारी गतिरोध के बीच केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने विपक्ष को लेकर बड़ा बयान दिया है। अमित शाह ने कहा कि सरकार संसद में उठाए जाने वाले हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार है। उन्होंने विपक्ष पर सदन की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर संसद चलने ही नहीं दी जाएगी तो चर्चा कैसे होगी।

अमित शाह बोले- हर सवाल का जवाब देने को तैयार

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली बीजेपी और एनडीए सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है और वह संसद में सभी सवालों का जवाब देने के लिए तैयार हैं।

अमित शाह ने विपक्ष से सवाल किया कि अगर सदन की कार्यवाही लगातार बाधित की जाएगी तो वहां जाकर चर्चा का क्या फायदा होगा। उन्होंने साफ कहा कि सरकार चर्चा से पीछे नहीं हट रही है।

‘आज तीन बजे से चर्चा के लिए तैयार’

अमित शाह ने विपक्ष के सामने चर्चा को लेकर समयसीमा भी रखी। उन्होंने कहा कि वह आज दोपहर 3 बजे से चर्चा के लिए तैयार हैं और अगले दिन दोपहर 3 बजे तक चर्चा में रहकर जवाब देने को तैयार हैं।

गृहमंत्री ने कहा कि वह खुद सदन में बैठेंगे और विपक्ष के सवालों का जवाब देंगे। उन्होंने विपक्ष से कहा कि अगर उसे चर्चा करनी है तो लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को तय समय से पहले पत्र देकर इसकी जानकारी देनी चाहिए।

‘हंगामा करना है या चर्चा करनी है, विपक्ष तय करे’

अमित शाह ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि अब फैसला विपक्ष को करना है कि उसे संसद में चर्चा करनी है या हंगामा करना है। उन्होंने कहा कि सरकार किसी भी मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है।

गृहमंत्री ने यह भी कहा कि वह उन कारणों पर भी चर्चा करने के लिए तैयार हैं जिनकी वजह से विपक्ष ने सदन की कार्यवाही को चलने नहीं दिया।

विपक्ष के आरोपों पर भी जवाब देने की बात

संसद में जारी राजनीतिक टकराव के बीच विपक्ष की ओर से सरकार और सत्तापक्ष पर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। अमित शाह ने कहा कि सदन में लगाए जा रहे आरोपों और सवालों का जवाब देने के लिए वह तैयार हैं।

उन्होंने विपक्ष द्वारा इस्तेमाल की जा रही ‘लापता’, ‘भाग गए’ और ‘भगौड़े’ जैसी भाषा का भी जिक्र किया। अमित शाह ने कहा कि इस तरह की भाषा के बजाय संसद में मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए।

अब विपक्ष के रुख पर नजर

अमित शाह के इस बयान के बाद अब नजर इस बात पर है कि विपक्ष सरकार के चर्चा के प्रस्ताव पर क्या रुख अपनाता है। संसद में किसी भी मुद्दे पर चर्चा तभी संभव है जब सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चले।

फिलहाल सरकार और विपक्ष के बीच जारी गतिरोध के बीच गृहमंत्री का यह बयान राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अमित शाह ने स्पष्ट कर दिया है कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है और अब विपक्ष को तय करना है कि वह चर्चा का रास्ता चुनता है या सदन में हंगामा जारी रखता है।

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