लंबी दूरी की यानी लॉन्ग रेंज हमले की क्षमता है भारत के पास भारत ने सालों से रॉकेट मिसाइल और थल प्रक्षेप यानी की आर्टिलरी रॉकेट सिस्टम में निवेश किया है। जिस पर फ्रांस की सेना के जनरल पियरेसल ने हाल ही में भारत आकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने भारत की लंबी दूरी की रॉकेट प्रणालियों व ड्रोन रोधी और अन्य आधुनिक युद्धक प्रणालियों में रूचि दिखाई। उन्होंने विशेष रूप से भारत की पिनाका रॉकेट प्रणाली की तारीफ कर दी है और कह दिया है कि फ्रांस भारत के साथ सह विकास यानी की को-प्रोडक्शन करना चाहता है। इस बयान से सिर्फ एक खरीद की खबर सामने नहीं आई बल्कि दो लोकतांत्रिक देशों के बीच भविष्य की रक्षा साझेदारी की झलक दिखने लगी है।
भारत के पास लंबी दूरी की यानी लॉन्ग रेंज हमले की क्षमता
आपको बता दें कि भारत के पास लंबी दूरी की यानी लॉन्ग रेंज हमले की क्षमता है, वे कैसे विकसित हुई हैं। दरअसल, भारत ने सालों से रॉकेट मिसाइल और थल प्रक्षेप यानी की आर्टिलरी रॉकेट सिस्टम में निवेश किया है। लेकिन तेजी हाल के सालों में हुई। देश की सामरिक चुनौतियों सीमाओं पर दबाव और टेक्नोलॉजी के बढ़ते खतरों ने इस दिशा को और महत्वपूर्ण बना दिया। एक प्रणाली पिनाका है जो मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम है। जिसे भारत के डीआरडीओ ने बनाया है। पिनाका एमके1 की लंबाई लगभग 38 किलोमीटर तक है। लेकिन अब पिनाका एमके2 एक्टेंडेड रेंज और गाइडेड पिनाका वर्जन पर काम हो रहा है, जिसकी रेंज 60-90 किलोमीटर या उससे कहीं ज्यादा बताई जा रही है।