फरीदाबाद में डॉक्टर के घर से मिला आतंक का जखीरा — 350 किलो RDX, 2 AK-47 और भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद
सोर्स। हरियाणा के फरीदाबाद में रविवार को सुरक्षा एजेंसियों ने एक ऐसी कार्रवाई को अंजाम दिया जिसने पूरे देश की सुरक्षा एजेंसियों को चौकन्ना कर दिया। जम्मू-कश्मीर पुलिस और हरियाणा एटीएस की संयुक्त टीम ने फरीदाबाद में एक डॉक्टर के घर पर छापा मारकर भारी मात्रा में विस्फोटक और हथियार बरामद किए हैं। बरामदगी में करीब 350 किलो RDX, दो AK-47 राइफलें और बड़ी संख्या में जिंदा कारतूस व अन्य गोला-बारूद शामिल हैं।

यह कार्रवाई रविवार को गुप्त सूचना के आधार पर की गई। सूत्रों के अनुसार, जम्मू-कश्मीर पुलिस को लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि हरियाणा के फरीदाबाद में एक डॉक्टर के घर में आतंकियों से जुड़ा विस्फोटक सामग्री का भंडार छिपाया गया है। इसी सूचना के आधार पर पुलिस ने स्थानीय प्रशासन की मदद से बिना किसी को भनक लगे यह छापा मारा।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह छापेमारी फरीदाबाद के एक पॉश इलाके में स्थित घर में की गई, जहां डॉक्टर अपने परिवार के साथ रह रहा था। पुलिस टीम के पहुंचते ही घर की तलाशी शुरू की गई और बेसमेंट से लेकर स्टोर रूम तक की बारीकी से जांच की गई। तलाशी के दौरान पहले तो कुछ बैग और ट्रंक बरामद हुए, जिनमें विस्फोटक सामग्री और हथियार छिपाए गए थे। बाद में जांच में यह पुष्टि हुई कि बरामद सामग्री में 350 किलो उच्च गुणवत्ता वाला RDX, दो AK-47 राइफलें, सैकड़ों जिंदा कारतूस, डिटोनेटर और गोला-बारूद से भरे मैगजीन शामिल हैं।
इस सनसनीखेज बरामदगी के बाद डॉक्टर को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी डॉक्टर के जम्मू-कश्मीर के कुछ संदिग्ध संगठनों और विदेशी आतंक नेटवर्क से संपर्क थे। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या यह विस्फोटक किसी बड़े आतंकी हमले की साजिश के लिए रखा गया था या किसी नेटवर्क के जरिए आगे भेजे जाने वाला था।
सुरक्षा एजेंसियों ने इस ऑपरेशन को पूरी तरह गुप्त रखा था। रविवार सुबह से ही इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया, लेकिन किसी को अंदर-बाहर जाने की अनुमति नहीं दी गई। आसपास के लोगों को यह कहकर दूर रखा गया कि यह एक “रूटीन जांच” है, ताकि किसी तरह की अफवाह या दहशत न फैले।
फरीदाबाद पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जम्मू-कश्मीर पुलिस की तकनीकी टीम ने इस मामले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि बरामद विस्फोटक की मात्रा को देखते हुए यह स्पष्ट है कि आरोपी लंबे समय से आतंकियों के संपर्क में था और यह सामग्री किसी बड़े आतंकी षड्यंत्र का हिस्सा हो सकती है।
पुलिस ने डॉक्टर के मोबाइल फोन, लैपटॉप और बैंक खातों को भी जब्त कर लिया है। डिजिटल फॉरेंसिक टीम यह पता लगाने में जुटी है कि उसकी बातचीत किन लोगों से होती थी और धन का स्रोत क्या था। इस बीच, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को भी इस मामले की जानकारी दी गई है और संभावना है कि जल्द ही मामला NIA को औपचारिक रूप से सौंपा जाएगा।