भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन IndiGo बीते पाँच दिनों से गंभीर ऑपरेशनल संकट से गुजर रही है। हजार से अधिक उड़ानों के रद्द होने के बाद यात्रियों में आक्रोश बढ़ा तो अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद मामले पर सख्त रुख अपनाया है। सूत्रों के अनुसार, PMO सीधे IndiGo के CEO पीटर एल्बर्स के संपर्क में है, और एयरलाइन पर जल्द से जल्द सामान्य संचालन बहाल करने का दबाव बनाया जा रहा है।
PM मोदी का दखल: IndiGo को कड़ा निर्देश
पीएमओ को इंडिगो संकट की विस्तृत रिपोर्ट दी गई, जिसके बाद सरकार ने एयरलाइन को रविवार रात 8 बजे तक सभी यात्रियों को रिफंड देने का आदेश दिया है।
इसके साथ ही:
- नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इंडिगो के शीर्ष अधिकारियों को तलब किया।
- परिचालन स्थिर होने के संकेतों के बावजूद एयरलाइन पर सरकारी दबाव जारी है।
- उड़ानों की रद्दीकरण से हाहाकार की स्थिति—रेलवे ने राहत के लिए अतिरिक्त ट्रेनें चलाईं।
क्यों टूटी IndiGo की ‘उड़ान’? क्या है पूरा संकट
इंडिगो ने लगातार कई दिनों तक उड़ानें रद्द और विलंबित कीं, जिसके चलते:
- 1000+ उड़ानें प्रभावित
- यात्रियों की भारी भीड़ हवाईअड्डों पर
- कई मार्गों पर किराए चार गुना तक बढ़ गए
CEO पीटर एल्बर्स ने सरकार से 10 दिन का समय माँगा है ताकि ऑपरेशन सामान्य किए जा सकें। साथ ही उन्होंने FDTL (Flight Duty Time Limit) नियमों में ढील की माँग रखी, जिसे सरकार ने अस्वीकार कर दिया।
सरकार का स्पष्ट संदेश:
“एयरपोर्ट पर सामान्य स्थिति बहाल करना IndiGo की प्राथमिक जिम्मेदारी है।”
संभव कार्रवाई: इंडिगो पर लग सकती है बड़ी पेनाल्टी
सूत्रों के मुताबिक, एयरलाइन के खिलाफ इन आधारों पर कार्रवाई हो सकती है:
- नियामकीय गैर-अनुपालन
- उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन
- परिचालन संबंधी लापरवाही
- जनहित को नुकसान पहुँचना
हवाई किराया नियंत्रण: सरकार ने लगाए नए Fare Caps
इंडिगो संकट के बाद कई रूट्स पर टिकट प्राइस आसमान छूने लगे। इसके बाद केंद्र सरकार ने घरेलू उड़ानों के लिए नए किराया मानक तय किए:
| दूरी | अधिकतम किराया (इकोनॉमी) |
|---|---|
| 0–500 किमी | ₹7,500 |
| 500–1000 किमी | ₹12,000 |
| 1000–1500 किमी | ₹15,000 |
| 1500+ किमी | ₹18,000 |
साथ ही इंडिगो से कहा गया है कि:
✔ रद्द उड़ानों के लिए रिफंड तुरंत दिया जाए
✔ रीशेड्यूलिंग पर कोई शुल्क नहीं लगाया जाए
यात्रियों के लिए राहत: हालात धीरे-धीरे सामान्य
शनिवार को कुछ रूट्स पर उड़ानें सामान्य होती दिखीं, लेकिन पूरी बहाली में अभी समय लग सकता है। रेलवे द्वारा अतिरिक्त ट्रेनें चलाने से यात्रियों को कुछ राहत मिली है।
निष्कर्ष
इंडिगो संकट ने भारतीय एविएशन सेक्टर को हिला दिया है। PM मोदी के हस्तक्षेप के बाद अब स्थिति तेजी से सुधारने की उम्मीद है। एयरलाइन पर बढ़ते सरकारी दबाव और नए किराया नियंत्रण नियमों से आने वाले दिनों में उड़ानें सामान्य होने की संभावना है।