मुरादाबाद। इंसानियत सेवा समिति (ट्रस्ट) ने बिहार में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान सामने आई विवादित घटना को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। समिति की ओर से महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा गया, जिसमें बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कथित व्यवहार पर गहरी नाराजगी जताई गई है।
समिति के अनुसार, कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा नुसरत परवीन नामक महिला के मुंह से सार्वजनिक मंच पर कपड़ा हटाया जाना अत्यंत अशोभनीय, आपत्तिजनक और निंदनीय है। इंसानियत सेवा समिति ने इसे महिला सम्मान, गरिमा और संवैधानिक मूल्यों के खिलाफ बताया है। उनका कहना है कि एक संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति से इस तरह के आचरण की उम्मीद नहीं की जा सकती।
महिला सम्मान और संवैधानिक मूल्यों का मुद्दा
इंसानियत सेवा समिति ने अपने ज्ञापन में कहा कि यह मामला केवल एक व्यक्ति विशेष का नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान और मौलिक अधिकारों से जुड़ा हुआ है। संविधान समानता, गरिमा और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की गारंटी देता है, और इस तरह की घटनाएं उन मूल्यों को ठेस पहुंचाती हैं। समिति का कहना है कि सार्वजनिक मंच पर किसी महिला के साथ ऐसा व्यवहार समाज में गलत संदेश देता है।
माफी और इस्तीफे की मांग
समिति ने इस पूरे प्रकरण की घोर निंदा करते हुए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से नुसरत परवीन से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है। इसके साथ ही, नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने की भी मांग की गई है। समिति के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि इस तरह की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो इससे महिलाओं की गरिमा पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा।
राष्ट्रपति से कार्रवाई की अपील
ज्ञापन सौंपते समय इंसानियत सेवा समिति ने राष्ट्रपति से इस मामले का संज्ञान लेने और उचित कार्रवाई करने की अपील की। समिति का कहना है कि कड़ी कार्रवाई से ही भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सकती है और महिलाओं के सम्मान की रक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।
इस मौके पर समिति के पदाधिकारी मौजूद रहे और उन्होंने स्पष्ट किया कि महिला सम्मान और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए उनका संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।