नई दिल्ली/ढाका। बांग्लादेश में हिंसा की एक भयावह घटना सामने आई है। राजधानी ढाका में देर रात प्रदर्शनकारियों ने जमकर उत्पात मचाया, नारेबाजी की और कई इमारतों व वाहनों को आग के हवाले कर दिया। इंकलाब मंच के प्रवक्ता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद भड़की हिंसा में एक प्रमुख अखबार के दफ्तर को निशाना बनाया गया, जहां करीब 30 पत्रकार अंदर फंस गए। कड़ी मशक्कत के बाद सभी को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
अखबार दफ्तर पर हमला, चार घंटे तक फंसे रहे पत्रकार
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ढाका के कावरान बाजार इलाके में भीड़ ने पहले बंगाली दैनिक प्रोथोम आलो और फिर द डेली स्टार के दफ्तर पर हमला बोला। रात करीब 12 बजे तोड़फोड़ के बाद 12:30 बजे आगजनी की गई। आग तेजी से ग्राउंड और पहली मंजिल तक फैल गई, जिससे इमारत में धुएं का घना गुबार भर गया। फायर सर्विस भी भीड़ के कारण तुरंत मौके पर नहीं पहुंच सकी।
“मैं सांस नहीं ले पा रही हूं”— अंदर फंसी रिपोर्टर की आपबीती
इमारत के भीतर फंसी रिपोर्टर जायमा इस्लाम ने मदद की गुहार लगाते हुए बताया कि धुआं बेहद घना है और सांस लेना मुश्किल हो रहा है। पत्रकारों के मुताबिक, करीब चार घंटे बाद, शुक्रवार तड़के सुबह 4 बजे सभी को सुरक्षित बाहर निकाला जा सका।
राजधानी ढाका में कई जगह आगजनी और तोड़फोड़
देर रात भड़की हिंसा के दौरान प्रदर्शनकारियों ने ढाका के अलग-अलग इलाकों में इमारतों और वाहनों को आग लगाई। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां हालात काबू में लाने में जुटीं रहीं। घटना ने प्रेस की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अंतरिम सरकार की शांति की अपील
घटना के बीच बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने नागरिकों से शांति और संयम बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि कानून प्रवर्तन एजेंसियों को पेशेवर तरीके से जांच करने दी जाए और सरकार कानून के शासन व लोकतांत्रिक प्रगति के लिए प्रतिबद्ध है।