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NASA का Artemis-II Mission: 50 साल बाद चांद की ओर लौटेगा इंसान, अपोलो से कितना अलग है ये मिशन?

NASA Moon Mission | Artemis-II vs Apollo | Space News 2026

करीब 50 साल बाद इंसान फिर चांद की ओर लौटने जा रहा है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA ने अपने ऐतिहासिक Artemis-II मिशन के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। 1972 के अपोलो मिशन के बाद यह पहली बार होगा जब इंसानों को चंद्रमा की परिक्रमा पर भेजा जाएगा।
इस मिशन से पहले NASA ने दो दिवसीय बेहद अहम ‘प्रैक्टिस काउंटडाउन’ शुरू किया है, जिसके आधार पर लॉन्च की अंतिम तारीख तय होगी।

क्यों इतना अहम है ‘प्रैक्टिस काउंटडाउन’?

NASA के नए मून रॉकेट Space Launch System (SLS) में ईंधन भरने से पहले यह ड्रेस रिहर्सल की जा रही है।
अगर यह अभ्यास सफल रहा तो NASA एक हफ्ते के भीतर Artemis-II को लॉन्च करने की कोशिश कर सकता है। फिलहाल 8 फरवरी 2026 को संभावित लॉन्च डेट माना जा रहा है।

इस दौरान रॉकेट में

  • 7 लाख गैलन से ज्यादा सुपर-कोल्ड फ्यूल भरा जाएगा
  • इंजन स्टार्ट से करीब 30 सेकंड पहले प्रक्रिया रोकी जाएगी
    ताकि हर सिस्टम की गहन जांच हो सके।

चार अंतरिक्ष यात्री, क्वारंटीन में टीम

संक्रमण से बचाव के लिए Artemis-II के चारों अंतरिक्ष यात्रियों—कमांडर रीड वाइसमैन समेत पूरी टीम को पहले ही क्वारंटीन में रखा गया है।
लॉन्च को हरी झंडी मिलने तक वे ह्यूस्टन से मिशन पर नजर रखेंगे, इसके बाद फ्लोरिडा के केनेडी स्पेस सेंटर जाएंगे।

10 दिन का होगा ऐतिहासिक मिशन

Artemis-II मिशन करीब 10 दिनों का होगा।
इस दौरान:

  • ओरियन कैप्सूल पृथ्वी की कक्षा में चक्कर लगाएगा
  • लाइफ सपोर्ट सिस्टम की जांच होगी
  • इसके बाद ‘ट्रांस-लूनर इंजेक्शन बर्न’ से चांद की ओर उड़ान
  • अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा की परिक्रमा करेंगे
  • बिना रुके पृथ्वी की ओर वापसी
  • प्रशांत महासागर में स्प्लैशडाउन के साथ मिशन समाप्त

अंतरिक्ष यात्री इस मिशन में पृथ्वी से 2 लाख 30 हजार मील से भी ज्यादा दूर जाएंगे।

तब अपोलो, अब आर्टेमिस: कितना बदल गया अंतरिक्ष सफर?

1972 का अपोलो मिशन

  • फैसले पूरी तरह इंसानों के हाथ में
  • कंप्यूटर सीमित और धीमे
  • जोखिम ज्यादा
  • कम्युनिकेशन और नेविगेशन चुनौतीपूर्ण

2026 का आर्टेमिस-II मिशन

  • AI और ऑटोनॉमस सिस्टम की बड़ी भूमिका
  • हाई-स्पीड कंप्यूटर और स्मार्ट नेविगेशन
  • बेहतर कम्युनिकेशन
  • जोखिम पहले से काफी कम

जहां अपोलो मिशन इंसानी हिम्मत की मिसाल था, वहीं आर्टेमिस-II इंसान और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की साझेदारी का प्रतीक बन रहा है।

भविष्य की तैयारी है Artemis-II

NASA का लक्ष्य सिर्फ चांद की परिक्रमा नहीं, बल्कि भविष्य में
👉 चांद पर स्थायी मानव उपस्थिति
👉 मार्स मिशन की तैयारी
👉 और गहरे अंतरिक्ष की खोज

Artemis-II इसी दिशा में सबसे बड़ा कदम माना जा रहा है।

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