नई दिल्ली:
भारत की बढ़ती रक्षा जरूरतों के बीच Russia ने भारत को 5वीं पीढ़ी के स्टेल्थ फाइटर जेट का बड़ा ऑफर दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक रूस ने भारत को अपने एडवांस्ड Sukhoi Su‑57 के अपडेटेड वर्जन की पेशकश की है।
इस प्रस्ताव में खास बात यह है कि भारत को फाइटर जेट के साथ फुल टेक्नोलॉजी ट्रांसफर, AESA रडार सिस्टम और सोर्स कोड तक पहुंच देने की बात भी शामिल है।
FGFA प्रोजेक्ट को फिर से शुरू करने की योजना
रूस चाहता है कि भारत और रूस मिलकर फिर से FGFA (Fifth Generation Fighter Aircraft) प्रोजेक्ट को शुरू करें। भारत 2018 में इस प्रोजेक्ट से बाहर हो गया था, लेकिन अब रूस इसे दोबारा शुरू करने के लिए भारत को मनाने की कोशिश कर रहा है।
इस प्रोजेक्ट के तहत भारत को कई महत्वपूर्ण तकनीकों के निर्माण की अनुमति भी मिल सकती है।
रूसी फाइटर जेट की खासियत
रूस के प्रस्ताव में कई अत्याधुनिक तकनीकों को शामिल किया गया है, जैसे—
- अगली पीढ़ी का इंजन Izdeliye-30 / AL-51F1
- एडवांस्ड AESA रडार सिस्टम
- सोर्स कोड एक्सेस, जिससे भारतीय हथियारों को आसानी से इंटीग्रेट किया जा सके
- कॉम्बैट ऑटोमेशन के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस
इससे भारत अपने स्वदेशी हथियार जैसे BrahMos और Astra को इस फाइटर जेट में जोड़ सकता है।
F-35 से कैसे अलग है Su-57
अमेरिका ने भी भारत को Lockheed Martin F‑35 Lightning II का ऑफर दिया है। हालांकि यह सिंगल-सीटर फाइटर जेट है, जबकि रूस का Su-57 डबल-सीटर वर्जन में प्रस्तावित है।
रूस का कहना है कि डबल सीट सिस्टम आधुनिक युद्ध में बेहद उपयोगी है क्योंकि दूसरा ऑपरेटर ड्रोन और अन्य नेटवर्क-सेंट्रिक मिशन को कंट्रोल कर सकता है।
चीन की बढ़ती ताकत भी चिंता
विशेषज्ञों के मुताबिक China पहले से ही अपने 5वीं पीढ़ी के फाइटर जेट Chengdu J‑20 का इस्तेमाल कर रहा है। इसके अलावा चीन का नया Shenyang J‑35 भी चर्चा में है।
ऐसी खबरें भी हैं कि चीन पाकिस्तान के साथ भी 5वीं पीढ़ी के फाइटर जेट को लेकर सहयोग कर सकता है।
भारत का फोकस AMCA पर
हालांकि भारत फिलहाल अपने स्वदेशी प्रोजेक्ट Advanced Medium Combat Aircraft यानी AMCA पर भी काम कर रहा है।
इस प्रोजेक्ट का प्रोटोटाइप 2029 तक उड़ान भर सकता है, जबकि बड़े पैमाने पर उत्पादन 2030 के दशक में शुरू होने की उम्मीद है।