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पश्चिम एशिया तनाव से बढ़ी भारत की चिंता, BRICS में सहमति बनाना चुनौती!

BRICS में मतभेद, भारत पर बढ़ा दबाव

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर अब वैश्विक कूटनीति पर साफ दिखाई दे रहा है। BRICS देशों के बीच साझा बयान पर सहमति बनाना मुश्किल होता जा रहा है। भारत, जो इस समय BRICS की अध्यक्षता कर रहा है, सभी सदस्य देशों के विचारों को संतुलित करने की कोशिश में जुटा है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साफ कहा कि मौजूदा हालात में साझा सहमति बनाना चुनौतीपूर्ण हो गया है।

ईरान-इजरायल तनाव का सीधा असर

हाल ही में ईरान के विदेश मंत्री ने भारत से बातचीत में BRICS के साझा बयान में अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों की निंदा शामिल करने की मांग की थी।
लेकिन BRICS के सदस्य देशों के अलग-अलग हित और रुख इस प्रक्रिया को जटिल बना रहे हैं।

भारत के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वह सभी देशों के बीच संतुलन बनाते हुए एक ऐसा बयान तैयार करे, जो सभी को स्वीकार्य हो।

🇮🇳 भारत के पास अध्यक्षता, जिम्मेदारी भी बड़ी

इस समय BRICS की कमान भारत के हाथ में है, जिससे उसकी जिम्मेदारी और बढ़ गई है।
नई दिल्ली को न सिर्फ वैश्विक मंच पर नेतृत्व दिखाना है, बल्कि सदस्य देशों के बीच मतभेदों को भी सुलझाना है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह भारत की कूटनीतिक क्षमता की बड़ी परीक्षा है, क्योंकि पश्चिम एशिया का संकट सीधे कई BRICS देशों को प्रभावित कर रहा है।

ईरान से भारतीयों की वापसी जारी

विदेश मंत्रालय के अनुसार, ईरान में करीब 9,000 भारतीय नागरिक मौजूद थे।
इनमें से बड़ी संख्या में लोग पहले ही लौट चुके हैं, जबकि लगभग 800 से अधिक नागरिक अजरबैजान और आर्मेनिया के रास्ते भारत लौट रहे हैं।

  • 772 लोग आर्मेनिया के रास्ते निकले
  • 280 तीर्थयात्री सुरक्षित लौट चुके
  • कुछ नागरिक अभी भी वापसी की प्रक्रिया में

सरकार ने भारतीय नागरिकों से दूतावास के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

पाकिस्तान और अफगानिस्तान मुद्दे पर भी बयान

विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान के परमाणु इतिहास पर चिंता जताते हुए उसे वैश्विक सुरक्षा के लिए खतरा बताया।
साथ ही अफगानिस्तान में नागरिक ढांचे पर हमलों की भी कड़ी आलोचना की गई।

अन्य मामलों पर भी नजर

हाल ही में भारत में हिरासत में लिए गए विदेशी नागरिकों को लेकर भी बयान सामने आया है।
सरकार ने स्पष्ट किया कि यह मामला कानूनी प्रक्रिया के तहत है और संबंधित एजेंसियां इसकी जांच कर रही हैं।

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