Durand Line पर एक बार फिर तनाव चरम पर पहुंच गया है। Pakistan और Afghanistan के बीच ईद के दौरान हुआ सीजफायर खत्म होते ही दोनों देशों ने एक-दूसरे पर भीषण हमले शुरू कर दिए हैं।
पाकिस्तान का बड़ा दावा
पाकिस्तानी सेना ने दावा किया है कि उसने पक्तिका प्रांत के कुछ इलाकों में अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। सेना के मुताबिक, 22 फरवरी से जारी संघर्ष के दौरान करीब 32 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र पर नियंत्रण स्थापित किया गया है।

साथ ही, सीमा पर नई पोस्ट बनाने और कंटीले तार लगाने की भी जानकारी दी गई है। इस दावे के समर्थन में ड्रोन फुटेज और तस्वीरें भी जारी की गई हैं।
तालिबान का मुंहतोड़ जवाब
दूसरी ओर Taliban ने भी पाकिस्तान को करारा जवाब दिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, कुनार-बाजौर सीमा क्षेत्र में अफगान लड़ाकों ने पाकिस्तानी सैन्य चौकियों को निशाना बनाया।
भारी आर्टिलरी हमलों में कई पोस्ट तबाह हो गईं और क्षेत्र में धुआं-धुआं माहौल बन गया।
संघर्ष की असली वजह क्या है?
दोनों देशों के बीच लंबे समय से आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है।
पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल आतंकी संगठन करते हैं, जो पाकिस्तान में घुसकर हमले करते हैं। वहीं अफगानिस्तान इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे पाकिस्तान का आंतरिक मामला बताता है।
इसके उलट, अफगानिस्तान ने पाकिस्तान पर आरोप लगाया है कि वह बार-बार सीमा पार कर आम नागरिकों को निशाना बनाता है।
काबुल हमले ने बढ़ाई आग
हालिया संघर्ष में सबसे बड़ा झटका तब लगा, जब Kabul में हुए हमले में सैकड़ों लोगों की मौत की खबर सामने आई।
इस घटना के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और अधिक बढ़ गया है, जिससे हालात और गंभीर हो गए हैं।
सीजफायर टूटा, हालात बिगड़े
ईद के दौरान दोनों देशों के बीच कुछ समय के लिए सीजफायर हुआ था, जिससे हालात में थोड़ी राहत मिली थी।
लेकिन जैसे ही ईद खत्म हुई, संघर्ष फिर से शुरू हो गया और अब सीमा पर लगातार गोलाबारी हो रही है।
क्या बढ़ सकता है युद्ध?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात ऐसे ही बने रहे, तो यह संघर्ष और भी बड़ा रूप ले सकता है।
संभावना जताई जा रही है कि अफगानिस्तान की ओर से जवाबी कार्रवाई में सीमा पार हमले भी हो सकते हैं, जिससे क्षेत्रीय स्थिरता को बड़ा खतरा पैदा हो सकता है।