पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों से ठीक पहले राजनीतिक सरगर्मियां चरम पर पहुंच गई हैं। मतगणना शुरू होने से कुछ घंटे पहले समाजवादी पार्टी प्रमुख Akhilesh Yadav ने Mamata Banerjee के समर्थन में एक ऐसा पोस्ट किया, जिसने बंगाल की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है।
अखिलेश यादव का वायरल पोस्ट
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक छोटा लेकिन असरदार संदेश साझा किया। उन्होंने लिखा— “एक अकेली लड़ जाएगी, जीतेगी और बढ़ जाएगी।”
इस पोस्ट को सीधे तौर पर ममता बनर्जी और उनकी पार्टी All India Trinamool Congress के समर्थन के रूप में देखा जा रहा है। बंगाल चुनाव के दौरान भी अखिलेश कई बार खुलकर TMC के पक्ष में नजर आए थे।
पहले भी कर चुके हैं ममता की तारीफ
यह पहली बार नहीं है जब अखिलेश यादव ने ममता बनर्जी के समर्थन में सार्वजनिक बयान दिया हो। दूसरे चरण की वोटिंग के दौरान भी उन्होंने ममता की तारीफ करते हुए कहा था कि बंगाल की जनता ने सांप्रदायिक राजनीति के खिलाफ वोट दिया है। उनके इन बयानों को विपक्षी दलों के बीच बढ़ती राजनीतिक नजदीकी के तौर पर देखा जा रहा है।
ममता बनर्जी ने भी जताया पूरा भरोसा
उधर मुख्यमंत्री Mamata Banerjee ने भी चुनाव नतीजों को लेकर पूरा आत्मविश्वास जताया है। मतगणना एजेंटों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी 200 से ज्यादा सीटों के साथ सरकार बनाएगी।
ममता ने एग्जिट पोल को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि ये केवल माहौल प्रभावित करने की कोशिश है। उनका दावा है कि जनता ने एक बार फिर TMC पर भरोसा जताया है।
293 सीटों पर होगी मतगणना
इस बार पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव दो चरणों में संपन्न हुए। 294 सीटों वाली विधानसभा में फिलहाल 293 सीटों पर ही मतगणना हो रही है।
Falta Assembly Constituency सीट पर पुनर्मतदान के कारण वहां मतगणना बाद में होगी। इसी वजह से आज आने वाले नतीजे राज्य की लगभग पूरी तस्वीर साफ कर देंगे।
एग्जिट पोल बनाम राजनीतिक दावे
जहां कई एग्जिट पोल भाजपा को कड़ी टक्कर या बढ़त देते दिख रहे हैं, वहीं TMC लगातार चौथी बार सत्ता में वापसी का दावा कर रही है। इस बीच अखिलेश यादव का समर्थन यह संकेत देता है कि विपक्ष बंगाल में ममता को एक बड़ी राजनीतिक ताकत के रूप में देख रहा है।
सबकी निगाहें नतीजों पर
अब नजरें सिर्फ मतगणना पर टिकी हैं। कुछ ही घंटों में साफ हो जाएगा कि बंगाल की जनता ने किसे सत्ता की चाबी सौंपी है। लेकिन इतना तय है कि नतीजों से पहले आया अखिलेश यादव का यह पोस्ट राजनीतिक संदेश के तौर पर काफी अहम माना जा रहा है।