पांच बार की आईपीएल चैंपियन Mumbai Indians के लिए Indian Premier League का यह सीजन अब तक बेहद निराशाजनक रहा है। Hardik Pandya की कप्तानी में टीम ने 9 मुकाबलों में सिर्फ 2 जीत दर्ज की है, जबकि 7 मैचों में हार का सामना किया है। ताजा हार Chennai Super Kings के खिलाफ मिली, जिसने मुंबई की प्लेऑफ की राह और मुश्किल कर दी है।
गणित अभी खत्म नहीं हुआ
अच्छी खबर यह है कि मुंबई इंडियंस अभी आधिकारिक तौर पर प्लेऑफ की दौड़ से बाहर नहीं हुई है। टीम के अभी 5 लीग मैच बाकी हैं। अगर मुंबई अपने सभी बाकी मुकाबले जीत लेती है तो वह 14 अंकों तक पहुंच सकती है। यही उनकी उम्मीद की आखिरी डोर है। लेकिन सिर्फ 14 अंक हासिल कर लेना काफी नहीं होगा। मुंबई को दूसरे नतीजों पर भी नजर रखनी होगी।
अब एक भी हार का मतलब लगभग खत्म
मुंबई के लिए अब समीकरण बिल्कुल साफ है— एक भी हार और प्लेऑफ की उम्मीद लगभग खत्म।
इतना ही नहीं, अगर टीम सभी 5 मैच जीत भी जाती है, तब भी नेट रन रेट बहुत अहम भूमिका निभाएगा। फिलहाल मुंबई का नेट रन रेट कमजोर स्थिति में है, इसलिए उसे सिर्फ जीत नहीं, बल्कि बड़े अंतर से जीत दर्ज करनी होगी। कई दूसरी टीमों के खराब प्रदर्शन की भी उसे जरूरत पड़ेगी।
अगले 5 मैच तय करेंगे किस्मत
मुंबई इंडियंस के बचे हुए मुकाबले आसान नहीं हैं। आने वाले दिनों में टीम को इन मजबूत प्रतिद्वंद्वियों से भिड़ना है:
- 4 मई — Lucknow Super Giants
- 10 मई — Royal Challengers Bengaluru
- 14 मई — Punjab Kings
- 20 मई — Kolkata Knight Riders
- 24 मई — Rajasthan Royals
इन पांचों मुकाबलों में मुंबई के पास गलती की कोई गुंजाइश नहीं बची है।
अगला मैच सबसे अहम
मुंबई का अगला मुकाबला Lucknow Super Giants के खिलाफ है। यही मैच उनके सीजन का टर्निंग पॉइंट बन सकता है।
f(x)=14f(x)=14f(x)=14
सरल भाषा में समझें तो मुंबई का अधिकतम अंक अब 14 तक ही पहुंच सकता है। आईपीएल के इतिहास में कई बार 14 अंक पर टीमें क्वालिफाई हुई हैं, लेकिन इस बार प्रतिस्पर्धा ज्यादा कड़ी दिख रही है।
निष्कर्ष
तो क्या Mumbai Indians प्लेऑफ में पहुंच सकती है?
हां, लेकिन रास्ता बेहद मुश्किल है।
उन्हें अपने बचे सभी 5 मैच जीतने होंगे, बड़े अंतर से जीतना होगा और साथ ही दूसरी टीमों के नतीजे भी उनके पक्ष में जाने चाहिए। फिलहाल मुंबई की उम्मीदें गणित पर टिकी हैं, लेकिन मैदान पर अब उन्हें हर मैच फाइनल की तरह खेलना होगा।