कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने राज्य की राजनीति में बड़ा हलचल पैदा कर दिया है। 293 विधानसभा सीटों पर जारी मतगणना के शुरुआती रुझानों में भारतीय जनता पार्टी ने बहुमत का आंकड़ा छू लिया है। खबर लिखे जाने तक बीजेपी 147 सीटों पर बढ़त बनाकर जादुई आंकड़े तक पहुंचती नजर आई, जबकि तृणमूल कांग्रेस 107 सीटों पर आगे चल रही थी। कांग्रेस फिलहाल 3 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है।
शुरुआती रुझानों ने बढ़ाई सियासी हलचल
सुबह से ही मतगणना के साथ राजनीतिक माहौल गर्म हो गया। शुरुआती रुझानों ने साफ संकेत दिए कि इस बार पश्चिम बंगाल में मुकाबला बेहद दिलचस्प रहा। लंबे समय से राज्य की सत्ता पर काबिज तृणमूल कांग्रेस के सामने बीजेपी ने मजबूत चुनौती पेश की है। अगर यही रुझान अंतिम परिणामों में बदलते हैं, तो बंगाल की राजनीति में यह एक बड़ा ऐतिहासिक बदलाव माना जाएगा।
23 जिलों में कड़ी सुरक्षा के बीच मतगणना
राज्य के 23 जिलों में बने 77 मतगणना केंद्रों पर बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था के बीच वोटों की गिनती जारी है। कुल 2,926 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला इन नतीजों से होना है। निर्वाचन आयोग ने सुरक्षा के लिहाज से हर केंद्र पर विशेष निगरानी रखी है ताकि मतगणना शांतिपूर्ण ढंग से पूरी हो सके।
विजय रैलियों पर रोक
मतगणना के बीच चुनाव आयोग ने बड़ा फैसला लेते हुए राज्य में किसी भी उम्मीदवार या दल को विजय रैली निकालने की अनुमति नहीं दी है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय के अनुसार, नतीजों के बाद किसी भी तरह का सार्वजनिक जश्न फिलहाल प्रतिबंधित रहेगा।
विशेष पर्यवेक्षक सुब्रत गुप्ता ने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी बताया कि कुछ राजनीतिक दलों के एजेंटों के मतगणना केंद्र तक नहीं पहुंच पाने की शिकायतें मिली हैं, जिनकी जांच की जा रही है।
फाल्टा सीट पर बाद में होगी मतगणना
दक्षिण 24 परगना जिले की फाल्टा विधानसभा सीट पर मतदान के दौरान गड़बड़ी की शिकायतों के बाद निर्वाचन आयोग ने वहां चुनाव रद्द कर दिया था। इस सीट पर 21 मई को दोबारा मतदान कराया जाएगा और मतगणना 24 मई को होगी। इसलिए फिलहाल 294 में से 293 सीटों के रुझान ही सामने आ रहे हैं।
बंगाल की जनता ने बनाया रिकॉर्ड
इस बार पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में 92.47 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो स्वतंत्रता के बाद राज्य का सबसे अधिक मतदान माना जा रहा है। भारी मतदान ने पहले ही संकेत दे दिए थे कि जनता बदलाव के मूड में हो सकती है।
फिलहाल सभी की नजर अंतिम नतीजों पर टिकी है। शुरुआती रुझानों ने साफ कर दिया है कि पश्चिम बंगाल की राजनीति एक नए मोड़ पर खड़ी है।