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कर्जदारों के लिए RBI का नया नियम, 1 जुलाई से बदल जाएगी EMI राहत की व्यवस्था!

Reserve Bank of India यानी RBI ने लोन लेने वालों के लिए एक बड़ा राहतभरा नियम जारी किया है। यह नया नियम 1 जुलाई 2026 से लागू होगा और खासतौर पर उन लोगों के लिए मददगार साबित होगा, जो प्राकृतिक आपदा के दौरान अपनी लोन किस्तें समय पर नहीं चुका पाते। अब तक ऐसी स्थिति में ग्राहकों को बैंक जाकर आवेदन देना पड़ता था, लेकिन नए नियम के बाद राहत पाने की प्रक्रिया काफी आसान हो जाएगी।

बिना आवेदन बैंक खुद देगा राहत

RBI के नए निर्देश के मुताबिक, अगर किसी क्षेत्र को आधिकारिक रूप से आपदा प्रभावित घोषित किया जाता है, तो बैंक बिना ग्राहक के आवेदन का इंतजार किए खुद राहत प्रक्रिया शुरू करेंगे। इसका मतलब यह है कि अब बाढ़, भूकंप, तूफान जैसी स्थिति में प्रभावित लोगों को EMI राहत पाने के लिए बैंक शाखाओं के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

किन आपदाओं पर लागू होगा नियम?

RBI ने साफ किया है कि यह सुविधा केवल उन्हीं मामलों में लागू होगी, जहां आपदा को आधिकारिक रूप से SDRF या NDRF के तहत घोषित किया गया हो। यानी अगर राज्य आपदा राहत कोष या राष्ट्रीय आपदा राहत कोष किसी इलाके को प्रभावित घोषित करता है, तो बैंकों को 45 दिनों के भीतर राहत प्रक्रिया शुरू करनी होगी।

किसे मिलेगा इस नियम का फायदा?

इस सुविधा का लाभ हर कर्जदार को नहीं मिलेगा। केवल वही ग्राहक इसके पात्र होंगे जिनका बैंक खाता एक्टिव और स्टैंडर्ड श्रेणी में होगा। अगर आपकी EMI 30 दिनों से ज्यादा समय से बकाया नहीं है, तभी आप इस राहत के दायरे में आएंगे। पुराने डिफॉल्टरों को इस सुविधा का लाभ नहीं मिलेगा।

ग्राहकों को किस तरह की राहत मिलेगी?

नए नियम के तहत बैंक कई तरह की राहत दे सकते हैं। इनमें किस्त चुकाने के लिए अतिरिक्त समय देना, कुछ समय के लिए EMI टालना यानी डिफरल, या जरूरत पड़ने पर लोन का पुनर्गठन यानी री-स्ट्रक्चरिंग शामिल है। इससे आपदा प्रभावित परिवारों को आर्थिक दबाव से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।

अगर राहत नहीं चाहिए तो क्या करें?

RBI ने ग्राहकों को ऑप्ट-आउट का विकल्प भी दिया है। अगर कोई ग्राहक चाहता है कि उसकी EMI पहले की तरह नियमित चलती रहे, तो वह 135 दिनों के भीतर राहत योजना से बाहर होने के लिए आवेदन कर सकता है। सिर्फ नए लोन पर लागू होगा नियम यह नया नियम केवल 1 जुलाई 2026 के बाद लिए गए नए लोन पर ही लागू होगा।

इस तारीख से पहले लिए गए पुराने लोन पर पुराने नियम ही लागू रहेंगे। RBI का कहना है कि इससे भ्रम की स्थिति नहीं बनेगी और बैंकिंग व्यवस्था भी स्पष्ट बनी रहेगी।

क्यों अहम है RBI का यह फैसला?

भारत में हर साल बाढ़, चक्रवात और भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाएं लाखों लोगों को प्रभावित करती हैं। ऐसे समय में आय रुकने से EMI चुकाना मुश्किल हो जाता है। RBI का यह नया नियम ऐसे ही संकट के समय लोगों को तुरंत राहत देने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

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