कच्चे तेल और ग्लोबल तनाव से बाजार में भारी बिकवाली
सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन ही निवेशकों में घबराहट का माहौल बन गया। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के ईरान को लेकर दिए गए सख्त बयान के बाद वैश्विक बाजारों में दबाव बढ़ गया, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी साफ दिखाई दिया।
बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 800 अंकों से ज्यादा टूट गया, जबकि निफ्टी 200 से अधिक अंक गिरकर 23,385 के करीब पहुंच गया। बाजार में आई इस गिरावट से निवेशकों के करोड़ों रुपये डूब गए।
ब्रेंट क्रूड 110 डॉलर के पार, बढ़ी चिंता
ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला। ब्रेंट क्रूड 110 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। तेल की कीमतें बढ़ने से भारत जैसे आयातक देशों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे महंगाई और व्यापार घाटा बढ़ने का खतरा रहता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ता है तो आने वाले दिनों में बाजार में और ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
रुपये में भी कमजोरी, डॉलर के मुकाबले फिसला
शेयर बाजार की गिरावट के साथ भारतीय रुपये पर भी दबाव बढ़ गया। सोमवार को रुपया डॉलर के मुकाबले 96.17 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर खुला। इससे पहले शुक्रवार को रुपया 95.97 पर बंद हुआ था।
रुपये की कमजोरी का असर आयात और विदेशी निवेश पर पड़ सकता है। विदेशी निवेशकों की बिकवाली भी बाजार में गिरावट का बड़ा कारण मानी जा रही है।
एशियाई बाजारों में भी दिखा दबाव
भारत ही नहीं, एशिया के कई बड़े बाजारों में भी गिरावट दर्ज की गई। ऑस्ट्रेलिया का ASX 200 इंडेक्स 0.76% गिरा, जबकि जापान का निक्केई इंडेक्स भी कमजोर रहा। दक्षिण कोरिया के कोस्पी और कोसडैक इंडेक्स में 2% से ज्यादा की गिरावट देखी गई।
हांगकांग के हैंगसेंग फ्यूचर्स भी लाल निशान में कारोबार करते नजर आए। इससे साफ है कि ग्लोबल निवेशकों में डर का माहौल बना हुआ है।
India VIX में उछाल, बढ़ी बाजार की बेचैनी
बाजार में बढ़ती अनिश्चितता के बीच इंडिया VIX यानी वोलैटिलिटी इंडेक्स 6% से ज्यादा चढ़कर 19.92 के स्तर पर पहुंच गया। यह संकेत देता है कि निवेशकों में डर और अस्थिरता बढ़ रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल निवेशकों को सतर्क रहने और जल्दबाजी में निवेश से बचने की जरूरत है।