पश्चिम बंगाल में बकरीद से पहले आम जनता उन्नयन पार्टी यानी AJUP के अध्यक्ष Humayun Kabir के बयान को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। ‘गाय की कुर्बानी’ को लेकर दिए गए उनके बयान पर भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। BJP नेताओं का कहना है कि कानून और संविधान से ऊपर कोई नहीं है और नियमों का पालन सभी को करना होगा।
दरअसल, हुमायूं कबीर ने हाल ही में कहा था कि “कुर्बानी 1400 साल पुरानी परंपरा है और इसे कोई रोक नहीं सकता। गाय की भी कुर्बानी होगी, बकरी की भी और ऊंट की भी।” उनके इस बयान के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति गरमा गई है।
BJP नेताओं का पलटवार
BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता R. P. Singh ने हुमायूं कबीर पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर उनके मन में गाय काटने का विचार है तो उन्हें जेल जाने के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के आदेशों के अनुसार कानून का पालन करना अनिवार्य है और नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई होगी।
वहीं BJP विधायक Anand Mishra ने कहा कि देश के स्वाभिमान की रक्षा के लिए यदि आग और तूफानों से भी जूझना पड़े तो BJP पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में लंबे समय से राजनीति के नाम पर देश की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया गया है।
‘पश्चिम बंगाल दूसरा बांग्लादेश नहीं बनेगा’
केंद्रीय राज्य मंत्री Raj Bhushan Nishad ने भी इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि BJP का हर कार्यकर्ता राष्ट्र निर्माण के लिए संघर्ष करता रहेगा। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल को दूसरा बांग्लादेश नहीं बनने दिया जाएगा।
इससे पहले BJP नेता Priyanka Tibrewal ने भी कहा था कि हुमायूं कबीर देश और संविधान से ऊपर नहीं हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में कुर्बानी को लेकर पहले से कानून मौजूद है और निर्धारित स्थानों पर ही इसकी अनुमति है।
बयान के बाद बढ़ी सियासी गर्मी
हुमायूं कबीर ने BJP और Suvendu Adhikari को चेतावनी देते हुए कहा था कि “आग से मत खेलो।” उन्होंने दावा किया कि मुस्लिम समुदाय कुर्बानी के मुद्दे पर कोई समझौता नहीं करेगा।
इस बयान के बाद पश्चिम बंगाल में राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि बकरीद से पहले यह विवाद राज्य की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन सकता है।