अन्तर्राष्ट्रीयदुनिया

लिपुलेख विवाद के बाद नेपाल-भारत संबंधों में नरमी? दिल्ली आ सकते हैं रवि लामिछाने!

भारत दौरे की तैयारी में नेपाल के बड़े नेता

Rabi Lamichhane जल्द ही भारत दौरे पर आ सकते हैं। नेपाल की सत्ताधारी पार्टी RSP यानी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के अध्यक्ष लामिछाने को भारत के विदेश मंत्रालय की ओर से निमंत्रण मिलने की चर्चा है। माना जा रहा है कि वह अगले सप्ताह दिल्ली पहुंच सकते हैं और यहां कई अहम बैठकों में हिस्सा लेंगे।

हालांकि अभी यात्रा की आधिकारिक तारीख तय नहीं हुई है, लेकिन नेपाली मीडिया में इस दौरे को लेकर चर्चाएं तेज हैं। पार्टी प्रवक्ता मनीष झा ने भी संकेत दिए हैं कि जल्द ही इस पर औपचारिक घोषणा हो सकती है।

क्यों अहम माना जा रहा है यह दौरा?

नेपाल में हाल ही में हुए राजनीतिक बदलावों के बाद यह पहला बड़ा हाई-लेवल संपर्क माना जा रहा है। नेपाल में RSP की सरकार बनने और Balen Shah के प्रधानमंत्री बनने के बाद से भारत और नेपाल के बीच कोई बड़ा राजनयिक दौरा नहीं हुआ है।

ऐसे में रवि लामिछाने का दिल्ली दौरा दोनों देशों के रिश्तों को नई दिशा दे सकता है। माना जा रहा है कि इस दौरान भारत और नेपाल के बीच व्यापार, सीमा विवाद और क्षेत्रीय सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

लिपुलेख विवाद के बाद बढ़ी थी तनातनी

बीते कुछ महीनों में Lipulekh Pass को लेकर भारत और नेपाल के बीच तनाव देखने को मिला था। इसके अलावा कुछ व्यापारिक मुद्दों और अधिकारियों के दौरे रद्द होने से भी दोनों देशों के संबंधों में ठंडापन महसूस किया गया।

विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा दौर में दोनों देशों के लिए संबंध सुधारना रणनीतिक रूप से काफी अहम है। नेपाल और भारत के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक रिश्ते हमेशा से मजबूत रहे हैं।

किन नेताओं से हो सकती है मुलाकात?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली दौरे के दौरान रवि लामिछाने की मुलाकात भारत के विदेश मंत्री S. Jaishankar से हो सकती है। इसके अलावा प्रधानमंत्री Narendra Modi से भी संक्षिप्त मुलाकात की संभावना जताई जा रही है।

हालांकि अभी किसी बैठक की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन कूटनीतिक हलकों में इस दौरे को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

नेपाल की राजनीति पर भी नजर

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह का अब तक अपेक्षाकृत शांत रुख भी चर्चा में रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार वह विदेशी दौरों और बड़े राजनयिक कार्यक्रमों से दूरी बनाए हुए हैं। ऐसे में रवि लामिछाने का भारत दौरा नेपाल सरकार की नई विदेश नीति और भारत के साथ संबंधों को लेकर अहम संकेत दे सकता है।

Related posts

होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ी टेंशन, दो जहाज अचानक गायब, NATO पर फ्रांस का बड़ा बयान

News Author

‘ग्रीनलैंड पर हमले की तैयारी करो’, ट्रंप ने सेना को दिया आदेश

News Author

सऊदी अरब में अरामको की इमारत पर मिसाइल हमला, हूतियों के साथ बढ़ा तनाव; पेट्रोल पंपों पर लगीं कतारें!

News Author

Leave a Comment