उत्तर प्रदेश में बिजली हुई महंगी
उत्तर प्रदेश के लाखों बिजली उपभोक्ताओं को जून महीने से बड़ा झटका लगने वाला है। यूपी पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने फ्यूल एंड पावर परचेज कॉस्ट एडजस्टमेंट (FPPA) यानी फ्यूल सरचार्ज में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी का फैसला किया है। इसका सीधा असर उपभोक्ताओं के बिजली बिल पर पड़ेगा और अगले महीने आने वाले बिल में अतिरिक्त राशि का भुगतान करना होगा।
जून के बिल में लगेगा अतिरिक्त शुल्क
जानकारी के अनुसार, मार्च महीने के बकाया फ्यूल सरचार्ज की वसूली जून के बिजली बिल में की जाएगी। इसके चलते उपभोक्ताओं को सामान्य बिल की तुलना में अधिक भुगतान करना पड़ सकता है। यदि किसी उपभोक्ता का बिजली बिल 100 रुपये है, तो उसे लगभग 10 रुपये अतिरिक्त फ्यूल सरचार्ज के रूप में देने होंगे।
अब तक की सबसे बड़ी बढ़ोतरी
ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े जानकारों के मुताबिक, यूपी में फ्यूल सरचार्ज में यह अब तक की सबसे बड़ी बढ़ोतरी मानी जा रही है। बिजली उत्पादन और खरीद की बढ़ती लागत का बोझ अब सीधे उपभोक्ताओं पर डाला जा रहा है। इससे घरेलू, व्यावसायिक और औद्योगिक सभी श्रेणी के उपभोक्ता प्रभावित होंगे।
महंगाई के बीच बढ़ी लोगों की चिंता
पहले से ही दूध, पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और सीएनजी जैसी आवश्यक वस्तुओं के बढ़ते दामों से आम जनता परेशान है। ऐसे में बिजली बिल में बढ़ोतरी ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। गर्मी के मौसम में बिजली की खपत बढ़ने के कारण पहले ही बिल अधिक आ रहा है, अब फ्यूल सरचार्ज बढ़ने से खर्च और बढ़ जाएगा।
आगे भी बढ़ सकता है फ्यूल सरचार्ज
सूत्रों के अनुसार, यदि बिजली खरीद लागत में कमी नहीं आती है तो आने वाले महीनों में भी फ्यूल सरचार्ज में बदलाव संभव है। हालांकि इस संबंध में अंतिम निर्णय नियामक प्रक्रियाओं और लागत मूल्यांकन के आधार पर लिया जाएगा।
बिजली संकट और बढ़ती मांग
प्रदेश में लगातार बढ़ती बिजली मांग और उत्पादन लागत के कारण बिजली कंपनियों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। इसी वजह से बिजली खरीद की अतिरिक्त लागत को फ्यूल सरचार्ज के रूप में उपभोक्ताओं से वसूला जाता है। गर्मी के मौसम में बिजली की रिकॉर्ड मांग के चलते यह बोझ और बढ़ गया है।
उपभोक्ताओं पर सीधा असर
विशेषज्ञों का कहना है कि फ्यूल सरचार्ज में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी का असर लाखों परिवारों के मासिक बजट पर पड़ेगा। छोटे व्यवसाय, दुकानदार और मध्यम वर्गीय परिवार सबसे अधिक प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे में उपभोक्ताओं को बिजली की बचत और ऊर्जा दक्ष उपकरणों के उपयोग पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता होगी।
निष्कर्ष
उत्तर प्रदेश में बिजली बिल पर बढ़ा हुआ फ्यूल सरचार्ज जून से लागू होने जा रहा है। इससे बिजली उपभोक्ताओं का मासिक खर्च बढ़ेगा। बढ़ती महंगाई के बीच यह फैसला आम लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ डाल सकता है।