लखनऊ। उत्तर प्रदेश के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने उपभोक्ताओं की जमा सिक्योरिटी राशि पर ब्याज लौटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके तहत प्रदेश के लगभग 3.73 करोड़ बिजली उपभोक्ताओं को करीब 300 करोड़ रुपये का ब्याज वापस किया जाएगा।
जून और जुलाई के बिल में मिलेगा फायदा
UPPCL के अनुसार उपभोक्ताओं की सिक्योरिटी मनी पर 6.50 प्रतिशत की दर से ब्याज दिया जाएगा। यह राशि सीधे जून और जुलाई 2026 के बिजली बिलों में समायोजित (एडजस्ट) की जाएगी। इसके लिए बिलिंग सॉफ्टवेयर को भी अपडेट कर दिया गया है, ताकि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
4,616 करोड़ रुपये की जमा राशि पर मिलेगा ब्याज
जानकारी के मुताबिक बिजली उपभोक्ताओं की लगभग 4,616 करोड़ रुपये की सिक्योरिटी राशि UPPCL के पास जमा है। नियमानुसार इस राशि पर ब्याज दिया जाना होता है। इसी के तहत इस वर्ष करीब 300 करोड़ रुपये का ब्याज उपभोक्ताओं के खातों में समायोजित किया जा रहा है।
अपना बिजली बिल जरूर करें चेक
बिजली विभाग ने सभी उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अपना जून माह का बिजली बिल ध्यान से जांचें। यदि बिल में ब्याज की राशि एडजस्ट नहीं दिखाई देती है तो संबंधित बिजली कार्यालय या UPPCL के शिकायत पोर्टल पर संपर्क कर सकते हैं। विभाग का कहना है कि सभी पात्र उपभोक्ताओं को इसका लाभ मिलना चाहिए।
उपभोक्ता परिषद की मांग के बाद हुआ फैसला
विद्युत उपभोक्ता परिषद लगातार वर्ष 2025-26 के देय ब्याज के भुगतान की मांग कर रही थी। परिषद ने उपभोक्ताओं के हित में ब्याज राशि जल्द लौटाने की मांग उठाई थी। इसके बाद बिजली निगम ने इस दिशा में कदम उठाते हुए भुगतान प्रक्रिया को लागू किया है।
बिजली दरों को लेकर भी चल रही चर्चा
इसी बीच प्रदेश में बिजली बिलों पर लगाए गए 10 प्रतिशत अतिरिक्त अधिभार को लेकर भी बहस जारी है। ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने इस फैसले पर नाराजगी जताते हुए आपत्ति दर्ज कराई है। वहीं UPPCL और ऊर्जा विभाग के बीच चल रहे विवाद के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी मामले का संज्ञान लिया है।
सूत्रों के अनुसार 15 जून को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बिजली विभाग की महत्वपूर्ण बैठक प्रस्तावित है। इस बैठक में बिजली दरों, उपभोक्ताओं को राहत और अतिरिक्त अधिभार जैसे मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। संभावना जताई जा रही है कि उपभोक्ताओं पर लगाए गए 10 प्रतिशत अधिभार को वापस लेने पर भी विचार किया जा सकता है।
फिलहाल प्रदेश के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं के लिए 300 करोड़ रुपये के ब्याज की वापसी बड़ी राहत मानी जा रही है। ऐसे में सभी उपभोक्ताओं को अपना बिजली बिल अवश्य जांचना चाहिए ताकि उन्हें मिलने वाले लाभ का पूरा फायदा मिल सके।