21 दिन की भूख हड़ताल के बाद सफदरजंग अस्पताल में भर्ती हुए सामाजिक कार्यकर्ता, पत्नी ने इलाज को लेकर सोशल मीडिया पर रखी मांग
नई दिल्ली। लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वे पिछले 21 दिनों से जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे थे। इस बीच उनकी पत्नी गीतांजलि जे अंग्मो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपील करते हुए कहा कि परिवार, डॉक्टरों और स्वयं सोनम वांगचुक की सहमति के बिना उन्हें किसी भी प्रकार की दवा, चाहे मुंह से दी जाए या नस के माध्यम से, नहीं दी जानी चाहिए।
पत्नी ने इलाज को लेकर जताई चिंता
गीतांजलि जे अंग्मो ने अपने संदेश में कहा कि वह स्वयं अस्पताल में मौजूद हैं और वांगचुक के स्वास्थ्य एवं इलाज पर लगातार नजर रख रही हैं। उन्होंने चिकित्सा प्रक्रिया में पारदर्शिता और सहमति को आवश्यक बताते हुए डॉक्टरों से अनुरोध किया कि उपचार से पहले परिवार और मरीज की इच्छा का सम्मान किया जाए।
डॉक्टरों की सलाह और कोर्ट के निर्देश पर अस्पताल पहुंचे
जानकारी के अनुसार सोनम वांगचुक 28 जून से आमरण अनशन पर थे। लगातार उपवास और शरीर में पानी की कमी के कारण उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। इसके बाद डॉक्टरों की सलाह और दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुरूप दिल्ली पुलिस उन्हें जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल लेकर पहुंची। पुलिस ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई केवल उनकी स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए की गई।
फिलहाल हालत स्थिर, मेडिकल टीम की निगरानी जारी
अस्पताल प्रशासन के अनुसार फिलहाल सोनम वांगचुक की स्थिति स्थिर है। प्रारंभिक जांच में उनका ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर सामान्य से कम पाए गए, जबकि ईसीजी रिपोर्ट सामान्य आई है। डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है और स्वास्थ्य में किसी भी बदलाव पर तत्काल उपचार की व्यवस्था की गई है।
अभिजीत दिपके ने भी शुरू किया आमरण अनशन
सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाए जाने के बाद CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने भी आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने की घोषणा की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि वे तत्काल प्रभाव से आमरण अनशन पर बैठ रहे हैं। वहीं, अस्पताल ले जाने के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस कार्रवाई का विरोध भी किया, हालांकि पुलिस ने स्थिति को शांतिपूर्वक नियंत्रित करने का दावा किया।
सोनम वांगचुक की पत्नी की अपील- ‘बिना सहमति कोई दवा न दें’, अस्पताल में भर्ती होने के बाद अभिजीत दिपके भी भूख हड़ताल पर
21 दिन की भूख हड़ताल के बाद सफदरजंग अस्पताल में भर्ती हुए सामाजिक कार्यकर्ता, पत्नी ने इलाज को लेकर सोशल मीडिया पर रखी मांग
नई दिल्ली। लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वे पिछले 21 दिनों से जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे थे। इस बीच उनकी पत्नी गीतांजलि जे अंग्मो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपील करते हुए कहा कि परिवार, डॉक्टरों और स्वयं सोनम वांगचुक की सहमति के बिना उन्हें किसी भी प्रकार की दवा, चाहे मुंह से दी जाए या नस के माध्यम से, नहीं दी जानी चाहिए।
पत्नी ने इलाज को लेकर जताई चिंता
गीतांजलि जे अंग्मो ने अपने संदेश में कहा कि वह स्वयं अस्पताल में मौजूद हैं और वांगचुक के स्वास्थ्य एवं इलाज पर लगातार नजर रख रही हैं। उन्होंने चिकित्सा प्रक्रिया में पारदर्शिता और सहमति को आवश्यक बताते हुए डॉक्टरों से अनुरोध किया कि उपचार से पहले परिवार और मरीज की इच्छा का सम्मान किया जाए।
डॉक्टरों की सलाह और कोर्ट के निर्देश पर अस्पताल पहुंचे
जानकारी के अनुसार सोनम वांगचुक 28 जून से आमरण अनशन पर थे। लगातार उपवास और शरीर में पानी की कमी के कारण उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। इसके बाद डॉक्टरों की सलाह और दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुरूप दिल्ली पुलिस उन्हें जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल लेकर पहुंची। पुलिस ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई केवल उनकी स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए की गई।
फिलहाल हालत स्थिर, मेडिकल टीम की निगरानी जारी
अस्पताल प्रशासन के अनुसार फिलहाल सोनम वांगचुक की स्थिति स्थिर है। प्रारंभिक जांच में उनका ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर सामान्य से कम पाए गए, जबकि ईसीजी रिपोर्ट सामान्य आई है। डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है और स्वास्थ्य में किसी भी बदलाव पर तत्काल उपचार की व्यवस्था की गई है।
अभिजीत दिपके ने भी शुरू किया आमरण अनशन
सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाए जाने के बाद CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने भी आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने की घोषणा की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि वे तत्काल प्रभाव से आमरण अनशन पर बैठ रहे हैं। वहीं, अस्पताल ले जाने के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस कार्रवाई का विरोध भी किया, हालांकि पुलिस ने स्थिति को शांतिपूर्वक नियंत्रित करने का दावा किया।