वैवाहिक विवाद के बीच पति ने हत्या की आशंका जताई, पुलिस ने दोनों पक्षों को जांच के लिए बुलाया
मेरठ | क्राइम डेस्क | उत्तर प्रदेश के मेरठ से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें एक युवक ने अपनी पत्नी और उसके कथित प्रेमी पर हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया है। युवक ने पुलिस अधिकारियों से सुरक्षा की मांग करते हुए कहा कि उसे अपनी जान का खतरा है। मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, मेरठ के सिविल लाइंस क्षेत्र निवासी युवक ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसकी शादी जून 2025 में हुई थी। उसका आरोप है कि शादी के बाद उसे पत्नी के किसी अन्य युवक के साथ कथित संबंधों की जानकारी मिली। इसी बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था।
युवक का दावा है कि विरोध करने पर उसे जान से मारने की धमकियां दी गईं। उसने पुलिस से अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
पुलिस को दिखाया वीडियो
शिकायतकर्ता का कहना है कि हाल ही में उसने अपनी पत्नी को एक अन्य युवक के साथ देखा, जिसके बाद दोनों के बीच विवाद हुआ। युवक ने दावा किया कि इस घटना का वीडियो भी उसके पास है, जिसे उसने पुलिस को सौंपा है।
उसने अपनी शिकायत में यह भी कहा कि उसे अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है और इस संबंध में पुलिस से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस ने शुरू की जांच
मेरठ पुलिस के अनुसार, शिकायत प्राप्त होने के बाद दोनों पक्षों को बुलाकर मामले की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने अभी तक शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि नहीं की है और मामले की निष्पक्ष जांच जारी है।
हाल के चर्चित मामलों के बाद बढ़ी चिंता
हाल के महीनों में मेरठ से सामने आए कुछ चर्चित हत्या मामलों के कारण इस तरह की शिकायतों ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया है। हालांकि, वर्तमान मामले में शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोप अभी जांच के दायरे में हैं और उनकी सत्यता की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में पुलिस जांच पूरी होने तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं है।
जांच रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई
फिलहाल पुलिस सभी पक्षों के बयान दर्ज कर रही है और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है। यदि जांच में शिकायत सही पाई जाती है तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं यदि आरोप असत्य पाए जाते हैं तो उसके अनुसार भी कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी।