नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में आयोजित CJP के ‘संसद चलो मार्च’ के दौरान हुई हिंसा के बाद दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस ने अलग-अलग थानों में अब तक कुल 10 एफआईआर (FIR) दर्ज की हैं। इन मामलों में पुलिसकर्मियों पर हमला, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना, बिना अनुमति ड्रोन उड़ाना और अन्य कानून-व्यवस्था से जुड़े आरोप शामिल हैं। दिल्ली पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और उपलब्ध सभी डिजिटल एवं तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है।
अलग-अलग थानों में दर्ज हुईं 10 FIR
पुलिस के अनुसार, अब तक दर्ज मामलों में चार एफआईआर संसद मार्ग थाना, तीन कनॉट प्लेस थाना, जबकि मंदिर मार्ग, बाराखंभा रोड और कर्तव्य पथ थाना में एक-एक एफआईआर दर्ज की गई है। इन मामलों में हिंसा, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, पुलिस पर हमला करने और सुरक्षा नियमों के उल्लंघन से जुड़े आरोप शामिल हैं।
RAF जवान पर हमले का मामला भी दर्ज
प्रदर्शन के दौरान रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के एक जवान पर कथित हमले और सरकारी वाहन में तोड़फोड़ के मामले में भी अलग से एफआईआर दर्ज की गई है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए कुछ वीडियो में प्रदर्शन के दौरान पुलिस वाहन पर पथराव और सुरक्षाकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की के दृश्य सामने आए थे। पुलिस इन वीडियो की भी जांच कर रही है ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके।
250 से अधिक वीडियो की जांच में जुटी पुलिस
दिल्ली पुलिस ने बताया कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच के लिए 250 से अधिक वीडियो फुटेज की जांच की जा रही है।
इनमें शामिल हैं:
- आम लोगों द्वारा रिकॉर्ड किए गए मोबाइल वीडियो
- सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग
- ड्रोन फुटेज
- पुलिसकर्मियों के बॉडी-वॉर्न कैमरों की रिकॉर्डिंग
पुलिस का कहना है कि डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
120 पुलिसकर्मी हुए घायल
पुलिस के अनुसार, 20 जुलाई को आयोजित ‘संसद चलो मार्च’ के दौरान हुई हिंसा में करीब 120 पुलिसकर्मी घायल हुए। इसके अलावा कई प्रदर्शनकारियों के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है। घटना के बाद कई लोगों को हिरासत में लिया गया था। इनमें से 70 प्रदर्शनकारियों को शांति भंग करने के आरोप में गिरफ्तार करने के बाद जमानत पर रिहा कर दिया गया है।
पैलेट गन के आरोपों को पुलिस ने नकारा
इस बीच प्रदर्शनकारियों की ओर से लगाए गए पैलेट गन के इस्तेमाल के आरोपों को दिल्ली पुलिस ने खारिज कर दिया है। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान किसी भी व्यक्ति की मौत नहीं हुई है और सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही कई भ्रामक जानकारियों की जांच की जा रही है। दिल्ली पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि बिना पुष्टि के किसी भी वीडियो या खबर को साझा न करें। साथ ही चेतावनी दी गई है कि फर्जी खबरें फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जांच जारी
दिल्ली पुलिस का कहना है कि सभी मामलों की जांच जारी है। वीडियो फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था भंग करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।