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PM Modi ने IIT Delhi के छात्रों को दिए सफलता के 10 मंत्र, बोले- ‘जो सीखेगा वही जीतेगा’!

IIT Delhi Convocation 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आईआईटी दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह में छात्रों को संबोधित करते हुए बदलती दुनिया, टेक्नोलॉजी और करियर की चुनौतियों के बीच लगातार सीखते रहने का मंत्र दिया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने देश के युवा मेधावियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने और लगातार सीखते रहने की सलाह दी। समारोह में 587 पीएचडी स्कॉलर्स समेत 3,000 से अधिक छात्रों को डिग्रियां प्रदान की गईं।

कार्यक्रम में शानदार अकादमिक प्रदर्शन करने वाले छात्रों को प्रेसिडेंट्स गोल्ड मेडल और डायरेक्टर्स गोल्ड मेडल जैसे सम्मान भी दिए गए। इस मौके पर प्रधानमंत्री ने कहा कि आईआईटी से डिग्री हासिल करना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, लेकिन असली परीक्षा कैंपस से बाहर की दुनिया में शुरू होती है।

बदलती दुनिया में टेक्नोलॉजी की बड़ी भूमिका

पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया तेजी से बदल रही है और ग्लोबल पावर बैलेंस भी लगातार बदल रहा है। इस बदलाव के पीछे टेक्नोलॉजी की तेज रफ्तार एक बड़ी ताकत है। उन्होंने छात्रों से कहा कि आने वाले 20-30 वर्षों की दुनिया कैसी होगी, इसका सटीक अनुमान लगाना मुश्किल है।

ऐसे दौर में युवाओं के लिए सबसे जरूरी है कि वे खुद को लगातार नई परिस्थितियों के अनुसार ढालते रहें।

‘जो सीखेगा, वही जीतेगा’

प्रधानमंत्री ने छात्रों को सबसे अहम मंत्र देते हुए कहा कि दुनिया और प्रोफेशन चाहे कितने भी बदल जाएं, लेकिन लगातार सीखते रहने वाला व्यक्ति आगे बढ़ता रहता है।

उन्होंने छात्रों से कहा कि नई चुनौतियों से घबराने के बजाय उनमें अवसर तलाशने चाहिए। नई समस्या का नया समाधान खोजने की क्षमता ही भविष्य में सफलता की बड़ी कुंजी बनेगी।

पीएम मोदी के सफलता के 10 मंत्र

1. सुनहरे पलों को याद रखें
पीएम मोदी ने छात्रों से कहा कि दीक्षांत समारोह उनके जीवन का यादगार पड़ाव है। भविष्य की योजनाओं के साथ अपने सफर को भी याद रखें।

2. टेक्नोलॉजी की रफ्तार को समझें
दुनिया तेजी से बदल रही है। ऐसे में टेक्नोलॉजी के बदलाव को समझना और उसके साथ आगे बढ़ना जरूरी है।

3. लगातार सीखते रहें
पीएम मोदी ने कहा कि बदलती दुनिया में वही आगे रहेगा जो नई चीजें सीखने की आदत बनाए रखेगा।

4. चुनौतियों को अवसर बनाएं
मुश्किल परिस्थितियों को समस्या मानकर रुकने के बजाय उनमें नए अवसर खोजने की कोशिश करें।

5. डिग्री को केवल अंक न समझें
डिग्री सिर्फ अच्छे CGPA का प्रमाण नहीं है, बल्कि कठिन समस्याओं को समझने और उनका समाधान तलाशने की क्षमता का भी प्रतीक है।

6. छोटे कदमों की अहमियत समझें
बड़ी सफलता एक दिन में नहीं मिलती। छोटे-छोटे प्रोजेक्ट, परीक्षाएं और अनुभव मिलकर बड़े मुकाम तक पहुंचाते हैं।

7. मुश्किलों को छोटे हिस्सों में बांटें
बड़ी चुनौती सामने आए तो घबराने के बजाय उसे छोटे हिस्सों में बांटकर समाधान तलाशें।

8. कैंपस के बाहर की दुनिया समझें
पीएम मोदी ने कहा कि कैंपस में सिलेबस और प्रश्नपत्र तय होते हैं, लेकिन जिंदगी के इम्तिहान ‘आउट ऑफ सिलेबस’ होते हैं।

9. सही जवाब से पहले सही सवाल खोजें
सफल लोग केवल मौजूदा सवालों के जवाब नहीं तलाशते, बल्कि उन समस्याओं को भी पहचानते हैं जिन्हें दूसरे लोग नजरअंदाज कर देते हैं।

10. जिज्ञासा को जिंदा रखें
प्रधानमंत्री ने छात्रों से कहा कि सीखने की इच्छा और जिज्ञासा कभी खत्म नहीं होनी चाहिए। समाज में स्वीकार की गई बातों को भी सवालों और तर्क की कसौटी पर परखने का साहस रखना चाहिए।

युवाओं के लिए संदेश

पीएम मोदी का यह संदेश केवल आईआईटी दिल्ली के छात्रों तक सीमित नहीं है। बदलती टेक्नोलॉजी और तेजी से बदलते रोजगार बाजार के दौर में लगातार सीखना, नई समस्याओं को समझना और उनके समाधान तलाशना युवाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो गया है। दीक्षांत समारोह में प्रधानमंत्री ने छात्रों को इसी सोच के साथ भविष्य की ओर बढ़ने का संदेश दिया।

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