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सलाल बांध के सभी गेट खोले गए, बढ़ा चिनाब नदी का जलस्तर; पाकिस्तान में भी बढ़ी चिंता!

जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में चिनाब नदी पर बने सलाल बांध के सभी गेट खोल दिए गए हैं। ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण जलाशय में पानी का बहाव बढ़ने के बाद यह कदम उठाया गया। बांध से पानी की निकासी के कारण चिनाब नदी के जलस्तर में भी बढ़ोतरी हुई है। सलाल बांध से पानी छोड़े जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

बारिश के बाद खोले गए बांध के गेट

रिपोर्टों के अनुसार, चिनाब नदी और सलाल बांध के जलाशय में पानी का प्रवाह तेजी से बढ़ रहा था। इसके बाद पानी की निकासी और फ्लशिंग ऑपरेशन के लिए बांध के गेट खोले गए। बांध से तेज बहाव के साथ पानी चिनाब नदी में पहुंच रहा है।

अधिकारियों की ओर से एहतियात के तौर पर लोगों को चिनाब नदी और उसके किनारे जाने से बचने की सलाह दी गई है। जलस्तर बढ़ने की स्थिति में नदी के आसपास रहने वाले लोगों के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतना जरूरी बताया गया है।

पाकिस्तान के लिए क्यों अहम है चिनाब नदी?

चिनाब नदी सिंधु नदी प्रणाली की प्रमुख नदियों में से एक है और इसका पानी भारत-पाकिस्तान के बीच लंबे समय से संवेदनशील विषय रहा है। 1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु जल संधि हुई थी, जिसके तहत सिंधु नदी प्रणाली की छह नदियों के पानी के इस्तेमाल से जुड़े प्रावधान तय किए गए थे।

समझौते के तहत पूर्वी नदियों रावी, ब्यास और सतलुज के पानी पर भारत का प्रमुख अधिकार है, जबकि पश्चिमी नदियां सिंधु, झेलम और चिनाब पाकिस्तान के लिए निर्धारित की गई थीं। हालांकि, संधि के प्रावधानों के तहत भारत को पश्चिमी नदियों पर सीमित उपयोग, जलविद्युत उत्पादन और कुछ कृषि संबंधी अधिकार भी मिले हैं।

सिंधु जल संधि को लेकर भारत-पाकिस्तान में तनाव

पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने सिंधु जल संधि को लेकर अपने रुख में बड़ा बदलाव किया था। ऐसे में चिनाब नदी के पानी और सलाल-बगलिहार जैसे जलविद्युत परियोजनाओं से जुड़े घटनाक्रम पर पाकिस्तान की नजर बनी रहती है।

सलाल बांध के गेट खुलने के बाद सोशल मीडिया पर भारत-पाकिस्तान संबंधों और पानी के मुद्दे को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। हालांकि, बांध से पानी छोड़े जाने को मौजूदा बारिश और जलाशय में बढ़े जल प्रवाह से जोड़कर देखा जा रहा है।

बगलिहार बांध से भी पानी छोड़े जाने की रिपोर्ट

सलाल बांध से पहले चिनाब नदी पर स्थित बगलिहार जलविद्युत परियोजना के गेट खोले जाने की भी रिपोर्ट सामने आई थी। दोनों परियोजनाओं से पानी छोड़े जाने के कारण चिनाब नदी के बहाव पर असर पड़ा है।

पाकिस्तान के निचले इलाकों में पहले से ही बारिश और बाढ़ की स्थिति को लेकर चिंता बनी हुई है। ऐसे में चिनाब के बढ़े जलस्तर ने वहां की चिंताओं को और बढ़ा दिया है।

फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सलाल बांध के गेट खोलने का कदम जलाशय में बढ़े पानी की निकासी और सुरक्षा प्रबंधन से जुड़ा है। नदी के बढ़े जलस्तर को देखते हुए स्थानीय लोगों को प्रशासन की चेतावनियों का पालन करने और नदी से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है।

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