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सिंगापुर के लिए उड़ी IndiGo की फ्लाइट 2.5 घंटे बाद लौटी, 127 यात्रियों की अटकी सांसें!

तकनीकी खराबी के बाद त्रिची एयरपोर्ट लौटा विमान

तमिलनाडु के त्रिची से सिंगापुर के लिए उड़ान भरने वाली IndiGo की फ्लाइट में तकनीकी खराबी आने के बाद हड़कंप मच गया। विमान में 127 यात्री सवार थे। उड़ान भरने के कुछ समय बाद तकनीकी समस्या का पता चला, जिसके बाद पायलट और एयरपोर्ट अधिकारियों के बीच लगातार संपर्क बना रहा। सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए विमान को वापस त्रिची लाने का फैसला किया गया।

फ्लाइट ने त्रिची एयरपोर्ट से शाम करीब 6:40 बजे सिंगापुर के लिए उड़ान भरी थी। तकनीकी खराबी सामने आने के बाद विमान ने करीब ढाई घंटे तक आसमान में चक्कर लगाए और रात करीब 9 बजे सुरक्षित रूप से त्रिची इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लैंड किया।

लैंडिंग से पहले विमान का ईंधन किया गया कम

तकनीकी समस्या सामने आने के तुरंत बाद विमान को सीधे एयरपोर्ट पर नहीं उतारा गया। अधिकारियों के साथ समन्वय करते हुए विमान को कुछ समय तक हवा में रखा गया। इस दौरान विमान का ईंधन कम किया गया, ताकि लैंडिंग के समय उसका वजन सुरक्षित सीमा में रहे।

पायलट और एयरपोर्ट अधिकारियों के बीच लगातार संपर्क बना रहा और विमान को सुरक्षित तरीके से वापस लाने की तैयारी की गई। करीब 2.5 घंटे बाद विमान ने त्रिची एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंडिंग की। राहत की बात यह रही कि विमान में सवार सभी 127 यात्री सुरक्षित रहे।

यात्रियों के लिए की गई वैकल्पिक फ्लाइट की व्यवस्था

विमान के वापस लौटने के बाद यात्रियों को उनके गंतव्य सिंगापुर तक पहुंचाने के लिए दूसरी फ्लाइट की व्यवस्था की गई। एयरपोर्ट निदेशक गोपालकृष्णन के अनुसार, सभी यात्रियों को सिंगापुर पहुंचाने के लिए वैकल्पिक विमान उपलब्ध कराया गया।

हालांकि, विमान में किस प्रकार की तकनीकी खराबी आई थी, इसकी विस्तृत जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है। मामले की तकनीकी जांच के बाद ही खराबी के कारणों का पता चल सकेगा।

दिल्ली-मंगलुरु फ्लाइट में भी आई थी तकनीकी समस्या

IndiGo की उड़ानों में तकनीकी समस्या का यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब इससे पहले दिल्ली से मंगलुरु जाने वाली एक अन्य फ्लाइट में भी तकनीकी खराबी के कारण देरी हुई थी।

दिल्ली एयरपोर्ट से मंगलुरु जाने वाली फ्लाइट को शाम 5:30 बजे उड़ान भरनी थी। टैक्सी करते समय पायलट को Airbus A320 विमान में तकनीकी समस्या का पता चला। इसके बाद विमान को वापस बे पर लाया गया। इंजीनियरों ने विमान की जांच की और यात्रियों को विमान से उतार दिया गया।

बाद में यात्रियों के लिए दूसरे विमान की व्यवस्था की गई और फ्लाइट ने रात करीब 8:28 बजे मंगलुरु के लिए उड़ान भरी।

यात्रियों की सुरक्षा बनी प्राथमिकता

त्रिची-सिंगापुर फ्लाइट की घटना में सबसे अहम बात यह रही कि तकनीकी खराबी सामने आने के बाद पायलट और ग्राउंड अधिकारियों ने समन्वय के साथ विमान को सुरक्षित वापस लाया। यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचाने के लिए वैकल्पिक विमान की व्यवस्था भी की गई।

लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं के बीच विमानन यात्रियों की सुरक्षा और विमानों की तकनीकी जांच एक बार फिर चर्चा में है। फिलहाल त्रिची की घटना में सभी 127 यात्रियों के सुरक्षित होने से बड़ी राहत मिली है।

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